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आईसीएमआर का नया कदम: लक्षण नहीं, कीटाणु के आधार पर इलाज

31/8/2026, 9:41:31 pm
आईसीएमआर का नया कदम: लक्षण नहीं, कीटाणु के आधार पर इलाज
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भारतीय चिकित्सा अनुसंधान परिषद (आईसीएमआर) ने इलाज का तरीका बदल दिया है। अब डॉक्टर लक्षण देखकर नहीं, बल्कि संक्रमण फैलाने वाले कीटाणु की पहचान के आधार पर दवा देंगे। इसके लिए परिषद ने 233 कीटाणुओं की एक विस्तृत सूची तैयार की है। इस सूची में बैक्टीरिया, वायरस, फंगस और परजीवी शामिल हैं। पहले मरीज को बुखार, खांसी या दर्द जैसे लक्षणों के हिसाब से एंटीबायोटिक या एंटीवायरल दी जाती थी। इससे कई बार गलत दवा चलती थी और रोगाणु प्रतिरोध बढ़ता था। नई योजना के तहत लैब में नमूने की जांच कर कीटाणु का नाम पता किया जाएगा। फिर उसी कीटाणु के लिए मानक दवा प्रोटोकॉल अपनाया जाएगा। आईसीएमआर ने राज्यों के स्वास्थ्य विभागों को इस सूची और प्रोटोकॉल भेज दिए हैं। अस्पतालों को अपने माइक्रोबायोलॉजी लैब को अपग्रेड करने के निर्देश भी दिए गए हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि इस कदम से इलाज ज्यादा सटीक होगा और दवाओं का बेजा इस्तेमाल कम होगा। साथ ही एंटीमाइक्रोबियल रेजिस्टेंस की रफ्तार भी थमेगी। हालांकि ग्रामीण इलाकों में लैब सुविधा कम होने से लागू करने में चुनौती रहेगी। सरकार ने टेलीमेडिसिन और मोबाइल लैब के जरिए इस गैप को भरने की योजना बनाई है। आने वाले महीनों में आईसीएमआर इस सूची को अपडेट करता रहेगा। नए कीटाणु सामने आने पर उन्हें तुरंत जोड़ा जाएगा। इस पहल से भारत वैश्विक स्तर पर रोग नियंत्रण में अग्रणी बन सकता है। समाचार स्रोत: अमर उजाला — भारत
समाचार स्रोत: अमर उजाला — भारत

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