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भारत का 600वां टेस्ट: 94 साल का सफर और टेस्ट क्रिकेट की नई ताकत

15/8/2026, 5:45:00 am
भारत का 600वां टेस्ट: 94 साल का सफर और टेस्ट क्रिकेट की नई ताकत
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भारत 15 अगस्त को श्रीलंका के खिलाफ अपना 600वां टेस्ट खेलेगा। 1932 में लॉर्ड्स के मैदान पर पहला टेस्ट खेलने वाली टीम ने शुरुआती दशकों में कम जीत देखी। 1970 के दशक तक भारत अक्सर हार का सामना करता रहा। 1990 के बाद कपिल देव, अनिल कुंबले, सचिन तेंदुलकर और राहुल द्रविड़ जैसे दिग्गजों ने खेल का रुख बदल दिया। 2000 के दशक में सौरव गांगुली की कप्तानी में विदेशी जमीन पर जीत का सिलसिला शुरू हुआ। 2001 में कोलकाता टेस्ट में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ ऐतिहासिक वापसी ने विश्वास जगाया। अनिल कुंबले की लेग‑स्पिन और वीवीएस लक्ष्मण की बल्लेबाजी ने टीम को मजबूत बनाया। पिछले दस साल में विराट कोहली, रोहित शर्मा, जसप्रीत बुमराह और रविचंद्रन अश्विन ने नए मानक स्थापित किए। भारतीय गेंदबाजी अब स्पिन के साथ तेज़ गेंदबाज़ी का संतुलन रखती है। बल्लेबाजी क्रम में गहराई और स्थिरता आई है। आंकड़े बताते हैं कि 600 टेस्ट में भारत ने 170 से अधिक जीत दर्ज की हैं, जबकि हार का अनुपात लगातार गिर रहा है। घरेलू मैदान पर जीत का प्रतिशत 70 के पार पहुंच चुका है। विदेशी दौरों पर भी टीम अब नियमित रूप से सीरीज जीतती है। स्वतंत्रता दिवस पर होने वाला यह मैच केवल एक संख्या नहीं, बल्कि 94 साल के संघर्ष, सीख और सफलता का प्रतीक है। युवा खिलाड़ियों के लिए यह प्रेरणा बनेगा कि मेहनत और निरंतरता से किसी भी मुकाम तक पहुंचा जा सकता है। समाचार स्रोत: अमर उजाला — क्रिकेट
समाचार स्रोत: अमर उजाला — क्रिकेट

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