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अल-नीनो के असर से अगस्त 1901 के बाद सबसे गर्म, सितंबर में बारिश कम रहने का अनुमान

31/8/2026, 4:39:41 am
अल-नीनो के असर से अगस्त 1901 के बाद सबसे गर्म, सितंबर में बारिश कम रहने का अनुमान
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अल-नीनो के प्रभाव ने इस साल अगस्त को 1901 के बाद का सबसे गर्म महीना बना दिया। भारतीय मौसम विभाग (IMD) के आंकड़ों के अनुसार, पूरे देश में औसत अधिकतम तापमान सामान्य से करीब ढाई डिग्री अधिक रहा। कई राज्यों में लू की लहरें चलीं और रात के तापमान में भी बढ़ोतरी देखी गई। IMD ने अपनी मासिक रिपोर्ट में बताया कि अगस्त में उत्तर-पश्चिम, मध्य और दक्षिणी भागों में तापमान रिकॉर्ड स्तर पर पहुंचा। दिल्ली, राजस्थान, गुजरात और महाराष्ट्र जैसे राज्यों में दिन का पारा 45 डिग्री के पार चला गया। इससे बिजली की मांग में तेज उछाल आया और स्वास्थ्य सेवाओं पर दबाव बढ़ा। सितंबर के लिए मौसम विभाग का पूर्वानुमान है कि बारिश सामान्य से कम रहेगी। उत्तर-पश्चिम भारत, मध्य भारत और दक्षिणी प्रायद्वीप के अधिकांश इलाकों में वर्षा की मात्रा औसत से 20 से 30 प्रतिशत तक कम रहने की संभावना है। केवल पूर्वोत्तर के कुछ हिस्सों में सामान्य बारिश की उम्मीद है। कम बारिश का सीधा असर खेती और जल संसाधनों पर पड़ेगा। धान, गन्ना और दलहन जैसी फसलों को पानी की कमी का सामना करना पड़ सकता है। किसानों को सिंचाई योजनाओं की समीक्षा करने और जल संरक्षण के उपाय अपनाने की सलाह दी जा रही है। विशेषज्ञों का मानना है कि अल-नीनो का असर अगले कुछ महीनों तक बना रह सकता है। लोगों को गर्मी से बचाव के लिए पर्याप्त पानी पीना, छायादार स्थानों पर रहना और दोपहर के समय बाहर निकलने से बचना चाहिए। IMD लगातार मौसम बुलेटिन जारी कर रहा है और राज्य सरकारों को अलर्ट भेज रहा है। नागरिकों से अपील है कि वे आधिकारिक चेतावनियों पर ध्यान दें और आवश्यक सावधानियां बरतें। समाचार स्रोत: अमर उजाला — भारत
समाचार स्रोत: अमर उजाला — भारत

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