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भारत

17 साल में सबसे सूखा मानसून, 15% कम बारिश से फसलों पर संकट

18/9/2026, 11:16:38 pm
17 साल में सबसे सूखा मानसून, 15% कम बारिश से फसलों पर संकट
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भारत में इस बार मानसून 17 साल का सबसे सूखा मौसम रहा है। मौसम विभाग के अनुसार बारिश सामान्य से 15 प्रतिशत कम हुई। कम बारिश का सीधा असर खेती पर पड़ा है। धान, गेहूं और दलहन की फसलें समय पर पानी नहीं पा सकीं। किसानों को सिंचाई के लिए ट्यूबवेल और नहरों पर अधिक निर्भर रहना पड़ रहा है। जलाशयों का स्तर भी गिरा है। प्रमुख बांधों में पानी की मात्रा पिछले साल के मुकाबले 20 प्रतिशत कम दर्ज की गई। इससे पेयजल आपूर्ति और बिजली उत्पादन पर भी दबाव बढ़ा है। मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि प्रशांत महासागर में सुपर अल नीनो की स्थिति बन रही है। यह परिघटना अगले कुछ महीनों में एशिया के बड़े हिस्से को प्रभावित कर सकती है। अल नीनो के कारण मानसून की दिशा बदलती है और बारिश का वितरण असमान हो जाता है। पूर्वी भारत में अधिक बारिश जबकि पश्चिमी और मध्य भाग में सूखा बढ़ने की आशंका है। केंद्र सरकार ने राज्यों को सिंचाई योजनाओं में तेजी लाने और बीज व उर्वरक की आपूर्ति सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि की राशि भी समय पर जारी की जा रही है। किसान संगठनों ने मांग की है कि फसल बीमा योजना का दायरा बढ़ाया जाए और मुआवजे की प्रक्रिया सरल की जाए। वे कहते हैं कि मौसम की अनिश्चितता से उनकी आय पर बड़ा खतरा मंडरा रहा है। विशेषज्ञ सलाह देते हैं कि जल संरक्षण के उपाय जैसे रेनवाटर हार्वेस्टिंग और ड्रिप इरिगेशन को अपनाया जाए। लंबी अवधि में ये तकनीकें सूखे की मार को कम कर सकती हैं। आने वाले महीनों में मौसम विभाग लगातार अपडेट जारी करेगा। नागरिकों से अपील है कि पानी का विवेकपूर्ण उपयोग करें और स्थानीय प्रशासन के निर्देशों का पालन करें। समाचार स्रोत: अमर उजाला — भारत
समाचार स्रोत: अमर उजाला — भारत

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