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इंदिरा-फ़िरोज़ की शादी: परिवार और समाज का कड़ा विरोध

8/9/2026, 6:08:53 am
इंदिरा-फ़िरोज़ की शादी: परिवार और समाज का कड़ा विरोध
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इंदिरा गांधी और फ़िरोज़ गांधी की शादी 1942 में दिल्ली के आनंद भवन में हुई थी। दोनों के परिवार और समाज ने इस रिश्ते का कड़ा विरोध किया। जवाहरलाल नेहरू अपनी बेटी की शादी एक पारसी युवक से होने पर नाराज़ थे। उन्होंने फ़िरोज़ को ज़ोर‑ज़ोर से बोलने वाला, गालियाँ देने वाला और बेबाक व्यक्ति माना। इसके विपरीत नेहरू खुद सभ्य, सुसंस्कृत और नाप‑तोलकर बोलते थे। कैथरीन फ़्रैंक ने अपनी जीवनी 'इंदिरा, द लाइफ़ ऑफ़ इंदिरा नेहरू गाँधी' में लिखा है कि फ़िरोज़ का स्वभाव नेहरू से बिल्कुल अलग था। फ़्रैंक के अनुसार फ़िरोज़ मुँहफट थे जबकि नेहरू बहुत शालीन थे। परिवार के दबाव के बावजूद इंदिरा ने फ़िरोज़ से प्रेम विवाह किया। शादी के बाद दोनों ने दो बेटे — राजीव और संजय — को जन्म दिया। फ़िरोज़ 1960 में दिल का दौरा पड़ने से चल बसे। फ़िरोज़ की मौत के बाद इंदिरा ने राजनीति में कदम रखा और 1966 में देश की पहली महिला प्रधानमंत्री बनीं। इतिहासकार मानते हैं कि पारिवारिक विरोध ने इंदिरा को दृढ़ और निर्णायक बनाया। इस शादी ने भारतीय राजनीति में एक नई मिसाल कायम की। धर्म और संस्कृति की दीवारों को तोड़कर इंदिरा ने अपना रास्ता खुद चुना। आज भी यह कहानी युवाओं को प्रेरित करती है कि सच्चे प्रेम और साहस के सामने सामाजिक बाधाएँ छोटी पड़ जाती हैं। फ़िरोज़ गांधी संसद के सदस्य भी रहे और उन्होंने मज़दूरों के अधिकारों के लिए आवाज़ उठाई। उनकी राजनीतिक सक्रियता ने इंदिरा को भी सार्वजनिक जीवन में आने के लिए प्रेरित किया। नेहरू के अलावा कांग्रेस के कई वरिष्ठ नेताओं ने भी इस विवाह को अनुचित बताया। अखबारों ने इसे "सांस्कृतिक टकराव" कहा और संपादकीय लिखे। इसके बावजूद इंदिरा ने अपने फैसले पर कायम रहीं और फ़िरोज़ के साथ मिलकर सामाजिक कार्यों में भाग लिया। दोनों ने ग्रामीण विकास और शिक्षा के लिए कई योजनाएं शुरू कीं। 1960 में फ़िरोज़ की अचानक मौत ने इंदिरा को गहरा झटका दिया, लेकिन उन्होंने अपनी जिम्मेदारियों से पीछे नहीं हटीं। उन्होंने अपने पुत्रों को राजनीति में लाने का फैसला किया। आज इंदिरा‑फ़िरोज़ की कहानी इतिहास की किताबों में दर्ज है और यह दिखाती है कि व्यक्तिगत साहस कैसे राष्ट्रीय राजनीति को आकार दे सकता है। समाचार स्रोत: BBC हिंदी — दुनिया
समाचार स्रोत: BBC हिंदी — दुनिया

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