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ईरान के राष्ट्रपति पेजेशकियान ने मोदी से शांति के लिए मदद मांगी

31/8/2026, 1:09:33 am
ईरान के राष्ट्रपति पेजेशकियान ने मोदी से शांति के लिए मदद मांगी
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ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियान ने शनिवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से फोन पर बातचीत की। उन्होंने पश्चिम एशिया में जारी तनाव को लेकर भारत की भूमिका पर जोर दिया। पेजेशकियान ने कहा कि क्षेत्र में शांति और सुरक्षा के लिए भारत एक विश्वसनीय पुल बन सकता है। उन्होंने मोदी से अपील की कि वह अपनी कूटनीतिक पहुंच का उपयोग करके इजराइल, हमास और अन्य पक्षों को बातचीत की मेज पर लाएं। प्रधानमंत्री कार्यालय के बयान के अनुसार दोनों नेताओं ने क्षेत्रीय हालात, ऊर्जा सुरक्षा और आतंकवाद विरोधी सहयोग पर विस्तार से चर्चा की। मोदी ने ईरान की चिंताओं को सुना और कहा कि भारत हमेशा बातचीत और कूटनीति के रास्ते से समाधान ढूंढता रहा है। उन्होंने यह भी दोहराया कि नई दिल्ली किसी भी पक्ष के साथ सैन्य गठबंधन नहीं करती, बल्कि संवाद को प्राथमिकता देती है। पश्चिम एशिया में पिछले कुछ महीनों से इजराइल-हमास संघर्ष, लाल सागर में जहाजों पर हमले और ईरान-इजराइल के बीच बढ़ती बयानबाजी ने माहौल गर्म कर रखा है। अमेरिका और यूरोपीय देश भी अपने हित साध रहे हैं, जिससे स्थानीय देशों पर दबाव बढ़ा है। इस पृष्ठभूमि में ईरान की ओर से सीधे प्रधानमंत्री मोदी से मदद मांगना एक नई कूटनीतिक पहल है। भारत ने पहले भी खाड़ी देशों के बीच मध्यस्थता की कोशिश की है। 2023 में विदेश मंत्री एस जयशंकर ने तेहरान और रियाद के बीच बातचीत की पहल की थी। इस बार ईरान सीधे प्रधानमंत्री से मदद मांग रहा है, जो भारत की बढ़ती कूटनीतिक स्वीकार्यता दिखाता है। भारत की ऊर्जा जरूरतें, बड़ा प्रवासी समुदाय और तटस्थ छवि उसे भरोसेमंद मध्यस्थ बनाते हैं। विशेषज्ञ मानते हैं कि भारत की तटस्थ छवि, ऊर्जा जरूरतों और बड़े प्रवासी समुदाय के कारण वह भरोसेमंद मध्यस्थ साबित हो सकता है। हालांकि, अमेरिकी प्रतिबंधों और क्षेत्रीय गुटबाजी के चलते व्यावहारिक कदम उठाना आसान नहीं होगा। आने वाले हफ्तों में नई दिल्ली की ओर से किसी ठोस प्रस्ताव की प्रतीक्षा रहेगी। समाचार स्रोत: अमर उजाला — विश्व
समाचार स्रोत: अमर उजाला — विश्व

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