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UNGA से पहले ईरान का अमेरिका पर पलटवार: आरोपों की शुरुआत तुमने की

20/9/2026, 2:02:47 am
UNGA से पहले ईरान का अमेरिका पर पलटवार: आरोपों की शुरुआत तुमने की
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ईरान ने संयुक्त राष्ट्र महासभा (UNGA) के आयोजन से कुछ दिन पहले अमेरिका पर सीधा आरोप लगाया है। तेहरान के विदेश मंत्रालय ने एक आधिकारिक बयान में कहा कि वॉशिंगटन जिन कार्रवाइयों को ईरान की गलती बता रहा है, उन्हीं की शुरुआत अमेरिका ने खुद की थी। यह बयान तेहरान की आधिकारिक वेबसाइट पर भी प्रकाशित किया गया है।\n\nबयान में कहा गया है कि अमेरिका ने परमाणु समझौते से बाहर निकलने, प्रतिबंध लगाने और क्षेत्र में सैन्य उपस्थिति बढ़ाने जैसे कदम पहले उठाए। ईरान का दावा है कि ये कदम ही आज की तनाव की जड़ हैं। अमेरिका ने 2018 में परमाणु समझौते से एकतरफा अलग होने का फैसला लिया था, जिसके बाद ईरान पर आर्थिक प्रतिबंधों का पहाड़ टूट पड़ा।\n\nविदेश मंत्रालय के प्रवक्ता नसीर कनानी ने पत्रकारों से बात करते हुए कहा, "हम उन आरोपों को खारिज करते हैं जो अमेरिका हम पर लगा रहा है। इतिहास गवाह है कि विवाद की शुरुआत वॉशिंगटन ने की थी।" कनानी ने आगे कहा कि ईरान अंतरराष्ट्रीय कानून के दायरे में रहकर अपने अधिकारों की रक्षा करेगा।\n\nअमेरिकी विदेश विभाग ने इस पर तुरंत प्रतिक्रिया दी। प्रवक्ता ने कहा कि ईरान अपनी जिम्मेदारियों से भाग रहा है और अंतरराष्ट्रीय नियमों का उल्लंघन कर रहा है। अमेरिकी प्रवक्ता ने यह भी जोड़ा कि ईरान के मिसाइल परीक्षण और क्षेत्रीय मिलिशिया को समर्थन देना अंतरराष्ट्रीय शांति के लिए चुनौती हैं। दोनों पक्षों के बयान से साफ है कि बातचीत की गुंजाइश कम होती जा रही है।\n\nUNGA के मंच पर दोनों देशों के नेता आमने-सामने होंगे। विश्लेषकों का मानना है कि इस बैठक में परमाणु मुद्दे, प्रतिबंधों और क्षेत्रीय सुरक्षा पर तीखी बहस होगी। UNGA के अध्यक्ष ने दोनों देशों से संयम बरतने और बातचीत के रास्ते खोलने की अपील की है।\n\nईरान ने यह भी संकेत दिया कि वह अपने मिसाइल कार्यक्रम और क्षेत्रीय सहयोगियों को समर्थन जारी रखेगा। तेहरान का कहना है कि ये कदम आत्मरक्षा के लिए जरूरी हैं। ईरान ने कहा कि वह अपनी रक्षा क्षमताओं को मजबूत करने के लिए किसी भी बाहरी दबाव के आगे नहीं झुकेगा।\n\nदूसरी ओर, अमेरिका ने अपने सहयोगियों से ईरान पर दबाव बढ़ाने की अपील की है। वॉशिंगटन का तर्क है कि ईरान की गतिविधियाँ वैश्विक शांति के लिए खतरा हैं। वॉशिंगटन ने अपने यूरोपीय सहयोगियों से भी ईरान पर नए प्रतिबंध लगाने की मांग की है।\n\nआने वाले दिनों में दोनों पक्षों के बीच कूटनीतिक संदेशों का आदान-प्रदान तेज होगा। देखना होगा कि UNGA में कोई साझा बयान निकलता है या तनाव और बढ़ता है। विश्लेषकों का मानना है कि यदि दोनों पक्ष बातचीत नहीं करते तो क्षेत्र में अस्थिरता और बढ़ सकती है।\n\nसमाचार स्रोत: अमर उजाला — विश्व
समाचार स्रोत: अमर उजाला — विश्व

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