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जंतर-मंतर पर छात्रों पर लाठीचार्ज, जस्टिस भुइयां ने उठाए सवाल

4/9/2026, 5:28:19 am
जंतर-मंतर पर छात्रों पर लाठीचार्ज, जस्टिस भुइयां ने उठाए सवाल
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जंतर-मंतर पर शुक्रवार सुबह एक छात्र प्रदर्शन शांतिपूर्ण ढंग से चल रहा था, जब पुलिस ने अचानक लाठीचार्ज शुरू कर दिया। प्रदर्शनकारी छात्र अपनी मांगों को लेकर जंतर-मंतर पर जमा हुए थे और नारे लगा रहे थे। अचानक पुलिस बल ने बिना पूर्व चेतावनी के बल प्रयोग किया, जिससे कई छात्र घायल हो गए और कुछ को हिरासत में लिया गया। घटना के वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से फैले और आम लोगों ने पुलिस की कार्रवाई की तीखी आलोचना की। दिल्ली उच्च न्यायालय के न्यायमूर्ति उज्ज्वल भुइयां ने इस पर तुरंत संज्ञान लिया। न्यायमूर्ति भुइयां ने बयान में कहा कि पुलिस का संयम खत्म होता दिख रहा है और शांतिपूर्ण भीड़ पर बल प्रयोग करना अस्वीकार्य है। उन्होंने कहा कि बल का उपयोग केवल अंतिम उपाय होना चाहिए और उससे पहले चेतावनी देना जरूरी है। उन्होंने पुलिस विभाग से घटना की निष्पक्ष न्यायिक जांच कराने की मांग की और जोर दिया कि जांच में पारदर्शिता रहे तथा दोषी अधिकारियों पर कड़ी कार्रवाई हो। छात्र संगठनों ने न्यायमूर्ति की टिप्पणी का स्वागत किया और कहा कि यह न्यायपालिका की संवेदनशीलता को दर्शाता है। उन्होंने मांग की कि भविष्य में ऐसी घटनाएं दोबारा न हों। पुलिस प्रवक्ता ने जवाब दिया कि लाठीचार्ज तब किया गया जब प्रदर्शनकारियों ने आदेश नहीं माने और सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान पहुंचाने की कोशिश की। प्रवक्ता ने कहा कि कार्रवाई कानून के अनुसार हुई। कानून के जानकारों का मानना है कि शांतिपूर्ण भीड़ पर अनुपातहीन बल प्रयोग मौलिक अधिकारों का उल्लंघन करता है। उन्होंने अदालत के हस्तक्षेप को जरूरी बताया। इस बीच, मानवाधिकार संगठनों ने भी घटना की निंदा की और सरकार से पुलिस सुधार की मांग की, ताकि नागरिकों की अभिव्यक्ति की आजादी सुरक्षित रहे। समाचार स्रोत: अमर उजाला — भारत
समाचार स्रोत: अमर उजाला — भारत

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