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मजदूर की बेटी जानवी कुमारी बिहार जूनियर महिला फुटबॉल टीम में चयनित

8/9/2026, 2:29:02 pm
मजदूर की बेटी जानवी कुमारी बिहार जूनियर महिला फुटबॉल टीम में चयनित
बिहार के मुजफ्फरपुर जिले के एक छोटे से गांव में जानवी कुमारी रहती हैं। उनके पिता रोज़ाना मज़दूरी करके परिवार का पालन-पोषण करते हैं। घर में आर्थिक तंगी हमेशा बनी रहती है, लेकिन जानवी ने बचपन से ही फुटबॉल के प्रति गहरा लगाव दिखाना शुरू कर दिया। वह स्कूल के मैदान पर नंगे पैर दौड़ती थी और फटे जूतों में गेंद को किक मारती थी। उनके जुनून को गांव के स्थानीय कोच राजेश कुमार ने पहली बार देखा। उन्होंने जानवी की तेज़ दौड़ और सटीक पास की क्षमता को पहचाना और उन्हें व्यक्तिगत प्रशिक्षण देने का फैसला किया। राजेश ने जानवी को सुबह पाँच बजे स्टेडियम आने को कहा, जहाँ वह básica ड्रिल्स और स्टेमिना बढ़ाने वाले अभ्यास करती थी। शाम को घर लौटने पर वे घर के कामकाज में हाथ बँटाती थी। इस नियमित प्रशिक्षण के परिणामस्वरूप जानवी ने जिला स्तर के कई टूर्नामेंट में हिस्सा लिया। वे लगातार सर्वश्रेष्ठ खिलाड़ी का पुरस्कार जीतती रहीं, जिससे उनका आत्मविश्वास दिन-ब-दिन बढ़ा। कोच अक्सर कहते थे कि जानवी की मेहनत उनके उज्ज्वल भविष्य की नींव बन रही है। इन प्रदर्शनों के आधार पर बिहार फुटबॉल संघ ने जानवी को जूनियर महिला टीम के ट्रायल के लिए बुलाया। ट्रायल दिवस पर उन्होंने तेज़ स्प्रिंट, सटीक पासिंग और गोल करने की प्रतिभा दिखाई। चयन पैनल ने उनके खेल को ध्यान में रखते हुए अंतिम अट्ठारह खिलाड़ियों की सूची में शामिल कर लिया। कोच राजेश ने ट्रायल के बाद कहा, 'जानवी की लगन और अनुशासन वास्तव में प्रशंसनीय है। वे किसी भी आधुनिक सुविधा के बिना इस मुकाम तक पहुँची हैं।' परिवार के सदस्य उनकी उपलब्धि पर खुशी से भरपूर हैं, लेकिन साथ ही भविष्य के खर्चों को लेकर चिंतित भी हैं। जानवी की माँ कहती हैं कि बेटी के सपनों को पूरा करने के लिए वे हर संभव कोशिश करेंगी। जानवी खुद अपने लक्ष्य को स्पष्ट रूप से बताती हैं। उनका सपना है कि वे राष्ट्रीय महिला फुटबॉल टीम के लिए खेलें और अपने गांव का नाम रोशन करें। वे कहती हैं, 'मैं अपनी मेहनत जारी रखूँगी, चाहे रास्ते में कितनी भी बाधाएँ आएँ।' उनकी यह सोच युवा खिलाड़ियों के लिए एक प्रेरणा बन रही है। समाचार स्रोत: Google News — Bihar (Hindi)
समाचार स्रोत: Google News — Bihar (Hindi)

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