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जवागल श्रीनाथ का जन्मदिन: संन्यास के बाद वर्ल्ड कप में वापसी की कहानी

31/8/2026, 3:32:40 am
जवागल श्रीनाथ का जन्मदिन: संन्यास के बाद वर्ल्ड कप में वापसी की कहानी
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जवागल श्रीनाथ, जिन्हें मैसूर एक्सप्रेस कहा जाता है, भारतीय क्रिकेट के सबसे कामयाब तेज गेंदबाजों में गिने जाते हैं। उन्होंने 229 वनडे में 315 और 67 टेस्ट में 236 विकेट लिए। 1990 के मध्य से 2000 के शुरुआती साल तक वे भारत की गेंदबाजी लाइन के अगुआ रहे। अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट से संन्यास लेने के बाद भी उनकी खेलने की इच्छा बनी रही। 2003 वर्ल्ड कप से पहले चयनकर्ताओं को लगा कि एक अनुभवी तेज गेंदबाज युवा गेंदबाजों को मार्गदर्शन दे सकता है और डेथ ओवरों में विकेट निकालने की क्षमता बढ़ा सकता है। इसी सोच के चलते श्रीनाथ ने थोड़ा ब्रेक लेकर राष्ट्रीय टीम में वापसी का फैसला किया। वर्ल्ड कप में उनकी मौजूदगी ने गेंदबाजी आक्रमण में गहराई जोड़ी और ड्रेसिंग रूम में शांति लाई। उनके नेतृत्व में जहीर खान और आशीष नेहरा जैसे युवा तेज गेंदबाजों ने प्रदर्शन सुधारा। टूर्नामेंट के अहम मैचों में श्रीनाथ ने किफायती ओवर फेंककर महत्वपूर्ण विकेट लिए, जिससे भारत सुपर सिक्स में पहुंच सका। यह कदम दिखाता है कि अनुभव और लगन से एक खिलाड़ी टीम की जरूरत के हिसाब से खुद को ढाल सकता है। उनका यह फैसला निजी बलिदान के साथ‑साथ टीम के बड़े लक्ष्य की ओर एक रणनीतिक बढ़त भी था। आज उनके जन्मदिन पर हम उनकी उसी लगन और टीम‑पहले सोच को याद करते हैं। समाचार स्रोत: अमर उजाला — क्रिकेट
समाचार स्रोत: अमर उजाला — क्रिकेट

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