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झारखंड: JPSC‑JSSC अभ्यर्थियों को सरकार ने फिर बुलाया वार्ता के लिए

16/8/2026, 10:00:02 pm
झारखंड: JPSC‑JSSC अभ्यर्थियों को सरकार ने फिर बुलाया वार्ता के लिए
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झारखंड में JPSC और JSSC के अभ्यर्थी पिछले कई हफ्तों से आंदोलन कर रहे हैं। वे परीक्षा तिथियों में देरी और भर्ती प्रक्रिया की पारदर्शिता पर सवाल उठा रहे हैं। मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की सरकार ने 17 अगस्त को फिर से वार्ता के लिए बुलाया है। इससे पहले भी दो बार बातचीत हुई थी, लेकिन कोई ठोस नतीजा नहीं निकला। अभ्यर्थियों का कहना है कि सरकार केवल आश्वासन देती है, पर वास्तविक कदम नहीं उठाती। उन्होंने मांग की है कि परीक्षा कैलेंडर जल्द जारी हो और चयन प्रक्रिया में भ्रष्टाचार की जांच हो। सरकार ने एक उच्चस्तरीय समिति गठित की है जो JPSC और JSSC की परीक्षा प्रणाली की समीक्षा करेगी। समिति में शिक्षा विभाग, विधि विभाग और छात्र प्रतिनिधि शामिल हैं। वार्ता में भाग लेने वाले छात्र नेताओं ने स्पष्ट किया कि अगर 15 दिनों के भीतर ठोस कार्ययोजना नहीं बनी तो वे आंदोलन तेज करेंगे। उन्होंने दिल्ली और रांची में भी प्रदर्शन की चेतावनी दी। पुलिस ने शांति बनाए रखने के लिए अतिरिक्त बल तैनात किया है। प्रशासन ने कहा कि किसी भी अवैध गतिविधि पर सख्त कार्रवाई होगी। इस बीच, विपक्षी दलों ने सरकार पर दबाव बढ़ाया है। भाजपा ने आरोप लगाया कि सरकार युवाओं के भविष्य के साथ खेल रही है। अभ्यर्थी अब भी आशान्वित हैं कि इस बार वार्ता से कुछ ठोस निकलेगा। वे अपनी मांगों को लेकर सोशल मीडिया पर भी अभियान चला रहे हैं। JPSC के तहत लगभग 1.2 लाख अभ्यर्थी विभिन्न पदों के लिए आवेदन कर चुके हैं, जबकि JSSC में करीब 80 हज़ार उम्मीदवार इंतजार में हैं। दोनों आयोगों की परीक्षाएं पिछले दो साल से स्थगित हैं। सरकार ने पिछले महीने एक आदेश जारी कर परीक्षा प्रक्रिया में सुधार का वादा किया था, लेकिन अब तक कोई ठोस कदम नहीं दिखा। समाचार स्रोत: अमर उजाला — भारत
समाचार स्रोत: अमर उजाला — भारत

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