लाइव
टाइम्स न्यूज़ नाउ में आपका स्वागत है — सिर्फ सच।ऑटो-पब्लिशिंग इंजन तैयार है। एडमिन → ऑटोमैटिक से कॉन्फ़िगर करें।टाइम्स न्यूज़ नाउ में आपका स्वागत है — सिर्फ सच।ऑटो-पब्लिशिंग इंजन तैयार है। एडमिन → ऑटोमैटिक से कॉन्फ़िगर करें।
भारत

झारखंड परीक्षा घोटाले में दो और गिरफ्तार, गोवा ने धर्मांतरण विरोधी बिल पास किया

28/8/2026, 12:26:57 am
झारखंड परीक्षा घोटाले में दो और गिरफ्तार, गोवा ने धर्मांतरण विरोधी बिल पास किया
Original publisher image
झारखंड में JPSC और JSSC की परीक्षाओं में हुई गड़बड़ी की जांच अब तेज़ रफ्तार पकड़ चुकी है। CID ने मंगलवार को दो और संदिग्धों को गिरफ्तार किया, जिससे कुल गिरफ्तारियों की संख्या छह हो गई है। दोनों आरोपी परीक्षा केंद्रों पर नकल सामग्री पहुँचाने के मुख्य आरोप में पकड़े गए। अधिकारियों ने बताया कि जांच अभी जारी है और कई अन्य लोगों से पूछताछ की जा रही है। CID ने डिजिटल सबूत, फोन रिकॉर्ड और बैंक लेनदेन के विवरण भी जुटाए हैं ताकि पूरे नेटवर्क का पता लगाया जा सके। जांच दल ने परीक्षा नियामक संस्थाओं के अधिकारियों से भी संपर्क किया है। पिछले महीने ही CID ने चार लोगों को गिरफ्तार किया था, जिनमें एक कोचिंग सेंटर का संचालक भी शामिल था। अभ्यर्थियों ने आरोप लगाया कि प्रश्नपत्र लीक होने के कारण उनकी मेहनत बेकार गई। मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने कहा कि दोषियों को कड़ी सजा दिलाई जाएगी और परीक्षा प्रणाली को पारदर्शी बनाया जाएगा। उधर, गोवा विधानसभा ने बुधवार को धर्मांतरण विरोधी विधेयक को बहुमत से पारित कर दिया। बिल के मुताबिक किसी भी व्यक्ति को धोखे, लालच या दबाव से धर्म बदलने के लिए मजबूर नहीं किया जा सकेगा। उल्लंघन करने पर तीन साल तक की कैद और जुर्माने का प्रावधान रखा गया है। मुख्यमंत्री प्रमोद सावंत ने कहा कि यह कानून सामाजिक सद्भाव बनाए रखने और जबरन धर्मांतरण रोकने के लिए जरूरी है। विपक्षी दलों ने विधेयक को अल्पसंख्यक समुदायों के खिलाफ बताया और इसे संविधान की मूल भावना के विपरीत करार दिया। विधेयक में धार्मिक संस्थाओं के पंजीकरण की अनिवार्यता भी जोड़ी गई है, जिससे अवैध धर्मांतरण गतिविधियों पर नज़र रखी जा सके। राज्यपाल की मंज़ूरी के बाद यह कानून तत्काल प्रभाव से लागू हो जाएगा। परीक्षा घोटाले के मामले में अभ्यर्थियों और अभिभावकों ने न्याय की मांग तेज़ कर दी है। कई छात्र संगठनों ने मुख्यमंत्री से सीधी बातचीत की अपील की है और आंदोलन की चेतावनी दी है। गोवा में विधेयक पारित होने के बाद सामाजिक संगठन इसकी समीक्षा की मांग कर रहे हैं। दोनों घटनाएं अलग-अलग राज्यों की हैं, लेकिन दोनों में सरकारी तंत्र की सख़्ती दिखाई देती है। झारखंड में परीक्षा प्रणाली की विश्वसनीयता बहाल करने के लिए CID ने तकनीकी जांच तेज़ की है। गोवा में कानून बनने के बाद प्रशासन को लागू करने की चुनौती सामने होगी। समाचार स्रोत: अमर उजाला — भारत
समाचार स्रोत: अमर उजाला — भारत

संबंधित