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जिन्ना की गुप्त बीमारी और डॉक्टरों का सम्मान

18/8/2026, 9:41:20 am
जिन्ना की गुप्त बीमारी और डॉक्टरों का सम्मान
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मोहम्मद अली जिन्ना की बीमारी लंबे समय तक एक राज़ रही। उनके इलाज करने वाले दो डॉक्टरों ने टीबी की जानकारी किसी को नहीं दी, यहाँ तक कि ब्रिटिश गुप्तचर सेवा को भी पता नहीं चला। डॉ. एस. एन. मल्होत्रा और डॉ. ए. के. खान ने 1940 के दशक में जिन्ना का इलाज किया था। दोनों ने मरीज़ की गोपनीयता को प्राथमिकता दी और बीमारी की गंभीरता को सार्वजनिक नहीं होने दिया। ब्रिटिश अधिकारी जिन्ना के स्वास्थ्य के बारे में अटकलें लगाते रहे, पर कोई ठोस सूचना नहीं मिली। इतिहासकार मानते हैं कि अगर जिन्ना की बीमारी खुल जाती तो बंटवारे की बातचीत पर असर पड़ सकता था। जिन्ना की कमज़ोरी का फायदा उठाकर कांग्रेस और ब्रिटिश अधिकारी अलग रणनीति अपना सकते थे, हालाँकि इसका कोई लिखित सबूत नहीं मिला। पाकिस्तान के प्रधानमंत्री ने हाल ही में एक समारोह में दोनों डॉक्टरों को ‘निशान-ए-पाकिस्तान’ से सम्मानित करने का ऐलान किया। उन्होंने कहा कि डॉक्टरों ने पेशेवर नैतिकता का पालन किया और देश के संस्थापक की गरिमा बनाए रखी। विपक्षी दलों ने इस कदम को राजनीतिक प्रचार बताया है। उनका कहना है कि इतिहास को चुनिंदा रूप से पेश किया जा रहा है, जबकि बंटवारे के कारण जटिल थे। शोधकर्ताओं का मानना है कि डॉक्टरों की गोपनीयता ने जिन्ना को अंतिम दिनों तक सक्रिय रहने दिया। इससे उन्होंने मुस्लिम लीग का नेतृत्व जारी रखा और पाकिस्तान की मांग को मजबूती से रखा। आज भी जिन्ना की बीमारी पर बहस जारी है। कुछ विद्वान इसे एक ‘क्या होता अगर’ का सवाल मानते हैं, तो अन्य इसे चिकित्सा नैतिकता का उदाहरण बताते हैं। ब्रिटिश सरकार ने जिन्ना के स्वास्थ्य को गुप्त रखने के लिए कोई आधिकारिक नीति नहीं बनाई, लेकिन गुप्तचर रिपोर्टों में उनकी कमज़ोरी का जिक्र तक नहीं आया। दोनों डॉक्टरों ने अपने पेशेवर कर्तव्य को राष्ट्रीय हित से ऊपर रखा, जो उस दौर में दुर्लभ था। पाकिस्तान के राष्ट्रीय अभिलेखागार में अब उनके पत्र और मेडिकल नोट्स सुरक्षित हैं, जिससे शोधकर्ताओं को नई जानकारी मिल रही है। इस घटना ने चिकित्सा गोपनीयता और राजनीतिक इतिहास के बीच संबंध पर नई बहस छेड़ दी है। आने वाले वर्षों में यह अध्याय इतिहास की पाठ्यपुस्तकों में शामिल हो सकता है। समाचार स्रोत: BBC हिंदी — दुनिया
समाचार स्रोत: BBC हिंदी — दुनिया

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