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कर्नाटक PSC जांच में IAF अफसर से पूछताछ; झारखंड में नदियाँ उफान पर

29/8/2026, 11:41:27 pm
कर्नाटक PSC जांच में IAF अफसर से पूछताछ; झारखंड में नदियाँ उफान पर
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कर्नाटक लोक सेवा आयोग (पीएससी) में कथित अनियमितताओं की जांच अब एक नए मोड़ पर पहुँच गई है। शुक्रवार को राज्य की सतर्कता एजेंसी ने आईएएस अधिकारी ज्ञानेंद्र कुमार गंगवार को अपने दफ्तर बुलाकर कई घंटे तक पूछताछ की। अधिकारियों के मुताबिक गंगवार पर आरोप है कि उन्होंने 2022‑23 की भर्ती परीक्षा में नियमों को ताक पर रखकर कुछ खास उम्मीदवारों को अनुचित लाभ पहुँचाया। पूछताछ के दौरान गंगवार ने सभी आरोपों को सिरे से खारिज किया और कहा कि वे जांच में पूरा सहयोग करेंगे। उन्होंने यह भी दावा किया कि उनके पास कोई दस्तावेज़ नहीं है जो किसी गड़बड़ी की ओर इशारा करता हो। जांच एजेंसी ने बताया कि गंगवार के अलावा दो और वरिष्ठ अधिकारियों के बयान भी दर्ज किए जाएंगे। पीएससी के पूर्व अध्यक्ष और कुछ परीक्षा नियंत्रकों से भी पूछताछ की योजना है। सतर्कता विभाग ने सभी संबंधित दस्तावेज़ जब्त कर लिए हैं और डिजिटल रिकॉर्ड की फोरेंसिक जांच शुरू कर दी है। उम्मीद है कि अगले कुछ सप्ताह में प्रारंभिक रिपोर्ट सामने आएगी। उधर, झारखंड के कई जिलों में लगातार बारिश से प्रमुख नदियाँ — दामोदर, स्वर्णरेखा और खरकई — उफान पर हैं। रांची, धनबाद, जमशेदपुर और बोकारो के निचले इलाकों में पानी भर गया है, जिससे हजारों परिवारों का संपर्क टूट गया है। प्रशासन ने तत्काल राहत शिविर स्थापित किए हैं और NDRF की तीन टीमें बचाव व निकासी अभियान में जुटी हैं। स्थानीय लोगों ने बताया कि बाढ़ का पानी घरों में घुस चुका है और फसलें पूरी तरह डूब चुकी हैं। मौसम विभाग ने अगले 48 घंटे में और भारी बारिश की चेतावनी जारी की है, जिससे बाढ़ की स्थिति और बिगड़ सकती है। मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने आपात बैठक बुलाकर सभी जिलाधिकारियों को राहत कार्यों में तेजी लाने का निर्देश दिया है। केंद्र सरकार ने भी राज्य को अतिरिक्त वित्तीय सहायता और हेलीकॉप्टर उपलब्ध कराने का आश्वासन दिया है। ये दोनों घटनाएं देश के अलग‑अलग कोनों में प्रशासनिक जवाबदेही और प्राकृतिक आपदा प्रबंधन की चुनौतियों को एक साथ सामने लाती हैं। कर्नाटक में जहां भर्ती प्रक्रिया की पारदर्शिता पर सवाल उठ रहे हैं, वहीं झारखंड में बाढ़ से निपटने के लिए त्वरित और समन्वित प्रयास की जरूरत महसूस हो रही है। नागरिक समाज और मीडिया दोनों मामलों पर नज़र रखे हुए हैं ताकि जिम्मेदार लोगों पर कार्रवाई सुनिश्चित हो सके। समाचार स्रोत: अमर उजाला — भारत
समाचार स्रोत: अमर उजाला — भारत

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