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कीथ बार्कर ने 17 साल का करियर खत्म किया, घुटने की चोट से संन्यास

18/8/2026, 4:51:55 am
कीथ बार्कर ने 17 साल का करियर खत्म किया, घुटने की चोट से संन्यास
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इंग्लैंड के काउंटी क्रिकेट में लगभग दो दशक तक अपनी छाप छोड़ने वाले दिग्गज ऑलराउंडर कीथ बार्कर ने प्रोफेशनल क्रिकेट को अलविदा कह दिया है। 39 साल के बार्कर ने घुटने की चोट और 17 साल के लंबे करियर को देखते हुए तत्काल प्रभाव से संन्यास का ऐलान किया। वार्विकशायर काउंटी क्लब ने सोमवार को एक आधिकारिक बयान जारी कर इसकी पुष्टि की। बार्कर लंबे समय से वार्विकशायर की गेंदबाजी आक्रमण की धुरी बने हुए थे और निचले क्रम में उपयोगी बल्लेबाजी भी करते थे। बार्कर ने अपने फर्स्ट क्लास करियर में कुल 171 मैच खेले। इस दौरान उन्होंने बल्ले से 30.50 की औसत से 5554 रन बनाए, जिसमें 6 शतक और 31 अर्धशतक शामिल हैं। गेंदबाजी में उन्होंने 25.40 की औसत से 544 विकेट झटके, जिसमें 22 बार पारी में पांच विकेट और 4 बार मैच में दस विकेट लेने का कारनामा किया। वे बाएं हाथ के मध्यम तेज गेंदबाज थे जो गेंद को दोनों तरफ स्विंग कराने में माहिर थे। वार्विकशायर के अलावा उन्होंने अपने करियर की शुरुआत हैम्पशायर के साथ की थी और बीच में समरसेट के लिए भी खेले। 2018 में उन्हें वार्विकशायर का कप्तान नियुक्त किया गया और उनके नेतृत्व में टीम ने काउंटी चैंपियनशिप के डिवीजन वन में वापसी की। घुटने की चोट पिछले तीन-चार सीजन से उन्हें लगातार परेशान कर रही थी। बार्कर ने क्लब के बयान में कहा, "यह फैसला आसान नहीं था, लेकिन मेरा शरीर अब और जोर नहीं दे पा रहा। मुझे लगता है कि यह सही समय है जब मुझे युवा खिलाड़ियों के लिए जगह खाली कर देनी चाहिए।" वार्विकशायर के क्रिकेट निदेशक पॉल फारब्रेस ने उनके योगदान को सराहते हुए कहा, "कीथ इस क्लब के महान सेवकों में से एक रहे हैं। उनका जुनून, पेशेवर रवैया और मैच जिताने की क्षमता उन्हें खास बनाती थी।" बार्कर का जन्म 1986 में पाकिस्तान के कराची में हुआ था, लेकिन वे बचपन में ही इंग्लैंड आ गए। उन्होंने इंग्लैंड की अंडर-19 टीम का प्रतिनिधित्व किया और 2006 के अंडर-19 वर्ल्ड कप में खेले। हालांकि सीनियर अंतरराष्ट्रीय टीम में उन्हें कभी मौका नहीं मिला, लेकिन काउंटी क्रिकेट में उनका दबदबा कम नहीं हुआ। 2023 के सीजन में भी उन्होंने 38 विकेट लेकर साबित किया कि उनमें अभी भी काफी क्रिकेट बाकी थी। संन्यास के बाद बार्कर कोचिंग और कमेंट्री के क्षेत्र में हाथ आजमा सकते हैं। वार्विकशायर ने उन्हें भविष्य के लिए शुभकामनाएं दी हैं और कहा कि क्लब के दरवाजे उनके लिए हमेशा खुले रहेंगे। उनका करियर बताता है कि निरंतरता, मेहनत और टीम के प्रति समर्पण से कैसे लंबी छाप छोड़ी जा सकती है। समाचार स्रोत: अमर उजाला — क्रिकेट
समाचार स्रोत: अमर उजाला — क्रिकेट

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