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केरल में मौलवी का विवादित बयान: 'महिलाओं के बाहर निकलने से तबाही', मंत्री बोलीं- पितृसत्ता ध्वस्त करो

31/8/2026, 12:47:42 am
केरल में मौलवी का विवादित बयान: 'महिलाओं के बाहर निकलने से तबाही', मंत्री बोलीं- पितृसत्ता ध्वस्त करो
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केरल में एक मौलवी के बयान ने सियासी और सामाजिक हलचल मचा दी है। कंथापुरम एपी अबूबकर मुसलियार ने एक कार्यक्रम में कहा कि महिलाओं का घर से बाहर निकलना तबाही लाता है। उनके इस बयान का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हुआ। राज्य की महिला एवं बाल विकास मंत्री वीना जॉर्ज ने तीखी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि ऐसी सोच पितृसत्ता की देन है और इसे ध्वस्त करना जरूरी है। मंत्री ने साफ किया कि सरकार महिलाओं की आजादी और सुरक्षा के लिए प्रतिबद्ध है। विपक्षी दलों ने भी मौलवी के बयान की निंदा की है। भाजपा और कांग्रेस दोनों ने इसे महिला विरोधी मानसिकता बताया। महिला संगठनों ने विरोध प्रदर्शन की चेतावनी दी है। मौलवी कंथापुरम सुन्नी मुस्लिम समुदाय के बड़े धार्मिक नेता माने जाते हैं। उनका प्रभाव केरल के उत्तरी जिलों में खासा है। पहले भी उनके कुछ बयान विवादों में रह चुके हैं। केरल में साक्षरता दर सबसे ज्यादा है और महिलाओं की भागीदारी हर क्षेत्र में दिखती है। ऐसे में इस तरह का बयान समाज के एक बड़े तबके को नाराज कर गया है। मुख्यमंत्री पिनराई विजयन ने अब तक सीधा बयान नहीं दिया है, लेकिन उनकी पार्टी माकपा के नेताओं ने मौलवी की आलोचना की है। सियासी गलियारों में चर्चा है कि सरकार इस पर कड़ा रुख अपना सकती है। कानूनी जानकारों का कहना है कि ऐसा बयान महिलाओं के संवैधानिक अधिकारों का उल्लंघन करता है। आईपीसी की धाराओं के तहत कार्रवाई संभव है। समाजशास्त्रियों का मानना है कि धर्म की आड़ लेकर महिलाओं को नियंत्रित करने की कोशिश पुरानी है। केरल जैसे प्रगतिशील राज्य में इसका विरोध स्वाभाविक है। समाचार स्रोत: अमर उजाला — भारत
समाचार स्रोत: अमर उजाला — भारत

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