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केतन हत्याकांड: आरोपियों ने चैटजीपीटी से पूछा बचने का तरीका, सिया की सहेली माही ने खोले राज

20/9/2026, 1:31:02 am
केतन हत्याकांड: आरोपियों ने चैटजीपीटी से पूछा बचने का तरीका, सिया की सहेली माही ने खोले राज
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पुणे के प्रसिद्ध लोहागढ़ किले के निकट पिछले महीने हुए केतन हत्याकांड में पुलिस ने ताजा खुलासे किए हैं। जांच दल ने बताया कि मुख्य आरोपी ने अपराध छिपाने के लिए आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस आधारित चैटबॉट चैटजीपीटी का भी इस्तेमाल किया था। पुलिस सूत्रों के अनुसार, आरोपी ने चैटजीपीटी से पूछा कि कैसे सबूत मिटाए जा सकते हैं, कैसे सीसीटीवी फुटेज से बचा जा सकता है और कैसे पुलिस की नज़र से बचने के लिए फर्जी अलिबी तैयार की जा सकती है। चैटबॉट ने कई तकनीकी सुझाव दिए, जिनमें डिजिटल फुटप्रिंट कम करना, फोन की लोकेशन हिस्ट्री डिलीट करना और सोशल मीडिया पर गलत जानकारी पोस्ट करना शामिल था। इस बीच, एक युवती ने खुद को सिया की खास सहेली माही बताते हुए मीडिया के सामने बयान दिया। उसने दावा किया कि सिया और केतन के बीच लंबे समय से पैसों को लेकर विवाद चल रहा था। माही के अनुसार, सिया ने केतन को कई बार धमकी भी दी थी और उसके बाद दोनों के बीच तनाव बढ़ गया था। पुलिस ने माही के बयान को जांच का अहम हिस्सा मानते हुए उसके मोबाइल रिकॉर्ड, व्हाट्सएप चैट और कॉल डिटेल्स की गहन जांच शुरू कर दी है। साथ ही, आरोपी के फोन से मिले चैटजीपीटी के साथ हुई बातचीत के लॉग भी जब्त किए गए हैं। फोरेंसिक टीम इन डेटा का विश्लेषण कर रही है ताकि घटना की कड़ियाँ जोड़ी जा सकें। केतन शर्मा, 28 वर्षीय सॉफ्टवेयर इंजीनियर, पुणे के हिंजवाड़ी इलाके में रहता था। वह अपने दोस्तों के साथ लोहागढ़ किले के पास ट्रेकिंग के लिए गया था, जब उस पर हमला हुआ। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में गंभीर चोटें और जहर के निशान मिले हैं, जिससे हत्या की पुष्टि होती है। पुलिस ने बताया कि आरोपियों ने घटना के बाद अपने मोबाइल फोन को फैक्ट्री रीसेट कर दिया था, लेकिन चैटजीपीटी के साथ हुई बातचीत के लॉग क्लाउड बैकअप में सुरक्षित रहे। यह पहला मौका है जब भारतीय जांच एजेंसियों ने AI चैटबॉट के उपयोग को अपराध छिपाने के साधन के रूप में दर्ज किया है। विधि विशेषज्ञों का मानना है कि इस मामले से डिजिटल सबूतों की अहमियत और AI टूल्स के दुरुपयोग की संभावना सामने आई है। अदालत में चैटजीपीटी के लॉग को सबूत के तौर पर पेश करने की प्रक्रिया पर बहस चल रही है। मामले में अब तक तीन लोगों को गिरफ्तार किया गया है, जबकि दो अन्य संदिग्धों की तलाश जारी है। पुलिस आयुक्त ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा कि तकनीकी सबूतों और गवाहों के बयान के आधार पर जल्द ही चार्जशीट दाखिल की जाएगी। स्थानीय निवासियों ने इलाके में सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने की मांग उठाई है। समाचार स्रोत: अमर उजाला — भारत
समाचार स्रोत: अमर उजाला — भारत

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