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मोतिहारी में कोलकाता की आर्ट मेटल वेयर के टॉय स्टॉल बने आकर्षण का केंद्र

2/9/2026, 6:33:05 pm
मोतिहारी में कोलकाता की आर्ट मेटल वेयर के टॉय स्टॉल बने आकर्षण का केंद्र
मोतिहारी के गांधी चौक पर शनिवार से कुछ नए टॉय स्टॉल लग गए हैं, जो कोलकाता से आए कलाकारों द्वारा संचालित हैं। इन स्टॉल पर आर्ट मेटल वेयर के खिलौने देखे जा रहे हैं, जो धातु की अलग‑अलग किस्मों से बने हैं। स्थानीय लोगों की भीड़ इनकी ओर खींची जा रही है और बच्चे इन चमकते हुए खिलौनों को देखकर उत्साहित नजर आ रहे हैं। कलाकारों ने बताया कि वे पारंपरिक धातु कला के परंपरागत तरीकों से काम करते हैं। वे मुख्य रूप से पीतल, तांबा और कांसे का उपयोग करते हैं, जिन्हें हाथ से हथौड़े और फाइल से आकार दिया जाता है। प्रत्येक खिलौने को बनाने में कई घंटे लगते हैं और फिर उसे चमकाने के लिए पॉलिश किया जाता है। यह तकनीक पीढ़ियों से चली आ रही है और अब मोतिहारी के बाज़ार में भी देखी जा सकती है। स्टॉल पर उपलब्ध खिलौनों में हाथी, घोड़ा, ट्रेन, विमान और छोटे देवी‑देवता के आकार शामिल हैं। कुछ खिलौने तो ऐसे हैं जो घूमते हैं या हल्की आवाज़ करते हैं, जिससे बच्चों का मन और भी लग जाता है। धातु की चमक और細部 तक की नक्काशी देख कर बड़े भी इनकी तारीफ़ करते नहीं थक रहे हैं। स्थानीय अभिभावकों का कहना है कि ये खिलौने प्लास्टिक के विकल्प के रूप में सुरक्षित और टिकाऊ लगते हैं। वे अपने बच्चों को ऐसे खिलौने दिलाना पसंद करते हैं जो लंबे समय तक चलें और साथ ही भारतीय कला की झलक दिखाएं। कई दुकानदारों ने तो इन स्टॉल से थोक में खरीद कर अपने खुद के प्रतिष्ठानों में भी बेचना शुरू कर दिया है। इससे बाजार में धातु खिलौनों की उपलब्धि बढ़ गई है। आयोजकों का मानना है कि ऐसे सांस्कृतिक आदान‑प्रदान से मोतिहारी की पहचान एक handicraft हब के रूप में मजबूत होती है। उन्होंने बताया कि अगले महीने तक इन स्टॉल की संख्या बढ़ाने की योजना है, ताकि अधिक artisans को अपना काम दिखाने का मौका मिल सके। इससे स्थानीय रोजगार में भी इजाफा होने की उम्मीद है। एक स्टॉल संचालक, श्री राजेश कुमार ने कहा, "हमको यहां लोगों की प्रतिक्रिया बहुत अच्छी मिल रही है। पहले दिन ही हमारा स्टॉक आधा बिक गया और अब हम नए ऑर्डर ले रहे हैं।" समाप्त होते‑ही, ये टॉय स्टॉल न केवल मनोरंजन का साधन बन रहे हैं, बल्कि वे दो अलग‑अन्य क्षेत्रों की कला को एक मंच पर ला रहे हैं। मोतिहारी के निवासियों और आगंतुकों दोनों को इस पहल से लाभ हो रहा है और उम्मीद है कि इसी तरह के और कार्यक्रम भविष्य में भी जारी रहेंगे। समाचार स्रोत: Google News — Motihari (Hindi)
समाचार स्रोत: Google News — Motihari (Hindi)

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