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केपीएससी भर्ती विवाद: प्रियांक खरगे बोले — सबूत मिले तो राजनीति छोड़ दूंगा

31/8/2026, 6:08:17 am
केपीएससी भर्ती विवाद: प्रियांक खरगे बोले — सबूत मिले तो राजनीति छोड़ दूंगा
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कर्नाटक में केपीएससी भर्ती विवाद थमने का नाम नहीं ले रहा। पूर्व मुख्यमंत्री एचडी कुमारस्वामी ने राज्य लोक सेवा आयोग (केपीएससी) की भर्तियों में बड़े पैमाने पर गड़बड़ी का आरोप लगाया है। उन्होंने सीधे मंत्री प्रियांक खरगे पर उंगली उठाई। इसके जवाब में प्रियांक खरगे ने शनिवार को मीडिया से कहा, "अगर मेरे खिलाफ एक भी सबूत मिल जाए तो मैं राजनीति छोड़ दूंगा।" खरगे ने आरोपों को राजनीति से प्रेरित बताया। उन्होंने कहा कि कुमारस्वामी अपनी नाकामी छिपाने के लिए ऐसे बयान दे रहे हैं। "उनके पास कोई ठोस सबूत नहीं है, केवल आरोप हैं। जांच एजेंसियां अपना काम कर रही हैं। सच सामने आ जाएगा।" केपीएससी ने 2021-22 में ग्रुप-ए और ग्रुप-बी के पदों के लिए परीक्षा आयोजित की थी। परिणाम आने के बाद कई अभ्यर्थियों ने धांधली का आरोप लगाया। मामला हाईकोर्ट पहुंचा। कोर्ट ने कुछ नियुक्तियों पर रोक लगा दी। कुमारस्वामी का दावा है कि पूरी प्रक्रिया में पैसों का लेन-देन हुआ और सत्ताधारी दल के नेता शामिल हैं। मुख्यमंत्री सिद्धारमैया ने कहा कि सरकार निष्पक्ष जांच के लिए तैयार है। "किसी को बख्शा नहीं जाएगा, चाहे वह कितना भी बड़ा क्यों न हो।" विपक्षी भाजपा ने भी मामले की सीबीआई जांच की मांग की है। प्रियांक खरगे कर्नाटक के ग्रामीण विकास एवं पंचायत राज मंत्री हैं। वे कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे के पुत्र हैं। उनके इस बयान को राजनीतिक हलकों में बड़ा दांव माना जा रहा है। जानकारों का कहना है कि अगर जांच में कुछ निकलता है तो कांग्रेस के लिए मुश्किल खड़ी हो सकती है। फिलहाल मामला जांच एजेंसियों के पास है। अभ्यर्थी और विपक्ष दोनों नतीजे का इंतजार कर रहे हैं।
समाचार स्रोत: अमर उजाला — भारत

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