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मजदूर बेटे ने पिता की अंतिम विदाई में कराया नेत्रदान, PMCH में रोशन की दो जिंदगियां

16/9/2026, 5:27:00 am
मजदूर बेटे ने पिता की अंतिम विदाई में कराया नेत्रदान, PMCH में रोशन की दो जिंदगियां
पटना मेडिकल कॉलेज अस्पताल (PMCH) में एक मजदूर बेटे ने अपने पिता की अंतिम विदाई को ऐसा यादगार बना दिया जो बरसों तक मिसाल बनी रहेगी। बेतिया जिले के रहने वाले 45 वर्षीय रामेश्वर साह का निधन बीमारी के बाद PMCH में हुआ। उनके बड़े बेटे राजेश साह जो दिहाड़ी मजदूरी करते हैं, ने बिना देर किए पिता के नेत्रदान का फैसला लिया। राजेश ने बताया कि पिता जी हमेशा कहते थे — "जिंदगी में कुछ ऐसा करो कि दूसरों के काम आओ।" उनकी यही बात याद आते ही मैंने डॉक्टरों से संपर्क किया। PMCH के नेत्र विभाग की टीम ने तुरंत प्रक्रिया पूरी की और दोनों कॉर्निया सुरक्षित निकाल लिए गए। अस्पताल के नेत्र रोग विभागाध्यक्ष डॉ. राजीव रंजन ने बताया कि दान किए गए कॉर्निया से दो नेत्रहीन मरीजों की आंखों की रोशनी लौटाई जा सकेगी। दोनों मरीज प्रतीक्षा सूची में लंबे समय से थे। राजेश का यह कदम समाज के लिए प्रेरणा है, खासकर तब जब वह खुद रोज कमाने-खाने वाला मजदूर है। बिहार में नेत्रदान की दर अब भी राष्ट्रीय औसत से कम है। जागरूकता की कमी और अंधविश्वास बड़ी बाधा हैं। PMCH प्रशासन ने राजेश के साहस की सराहना करते हुए कहा कि ऐसे उदाहरण ग्रामीण इलाकों तक संदेश पहुंचाते हैं। राजेश ने कहा — "पिता जी नहीं रहे, लेकिन उनकी आंखों से अब दो लोग दुनिया देखेंगे। इससे बड़ा दान क्या होगा।"
समाचार स्रोत: Google News — Bettiah (Hindi)

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