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पांच राज्यों की हल्दी में सीसा, 30% नमूने फेल; बच्चों की सेहत पर खतरा

11/9/2026, 11:02:22 pm
पांच राज्यों की हल्दी में सीसा, 30% नमूने फेल; बच्चों की सेहत पर खतरा
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नई जांच में पता चला है कि उत्तर प्रदेश समेत पांच राज्यों की हल्दी में सीसे की मिलावट हो रही है। खाद्य सुरक्षा प्रयोगशाला ने कुल 120 नमूने लिए और उनमें से 30 फीसदी नमूने तय सीमा से ज्यादा सीसा रखते थे। सबसे अधिक प्रभावित नमूने उत्तर प्रदेश, बिहार, मध्य प्रदेश, राजस्थान और हरियाणा से मिले। सीसा एक भारी धातु है जो लंबे समय तक शरीर में जमा होती रहती है। बच्चों में यह दिमाग के विकास को रोक सकती है और सीखने की क्षमता कम कर सकती है। विशेषज्ञों का कहना है कि रोजाना हल्दी खाने वाले परिवारों को सावधान रहना चाहिए। वे पैकेट पर FSSAI का लोगो और लाइसेंस नंबर देखकर ही खरीदें। सरकार ने मिलावट रोकने के लिए सख्त कदम उठाने का वादा किया है। खाद्य सुरक्षा विभाग अब नियमित छापेमारी करेगा और दोषी विक्रेताओं पर जुर्माना लगाएगा। उपभोक्ता भी अपनी तरफ से जागरूक रह सकते हैं। घर पर हल्दी को साफ पानी में धोकर फिर सुखा लें, इससे कुछ हद तक धातु कम हो सकती है। डॉक्टरों ने सलाह दी है कि बच्चों के खाने में हल्दी की मात्रा सीमित रखें और नियमित जांच करवाएं। इस खुलासे के बाद बाजार में हल्दी के दामों में उतार-चढ़ाव देखा जा रहा है। नागरिक संगठन मांग कर रहे हैं कि सरकार सभी मसालों की जांच अनिवार्य करे। भारतीय खाद्य सुरक्षा मानक प्राधिकरण (FSSAI) ने हल्दी में सीसे की अधिकतम सीमा 0.1 मिलीग्राम प्रति किलोग्राम तय की है। लंबे समय तक दूषित हल्दी खाने से किडनी, लीवर और नर्वस सिस्टम को नुकसान पहुंच सकता है। प्रयोगशाला ने एटॉमिक अब्जॉर्बशन स्पेक्ट्रोस्कोपी का उपयोग करके सीसे की मात्रा मापी। पिछले साल भी कुछ राज्यों में हल्दी में सीसा मिला था, लेकिन इस बार पैमाना बड़ा है। उपभोक्ता अधिकार संगठन अब शिकायत दर्ज कराने के लिए हेल्पलाइन नंबर जारी कर रहे हैं। हल्दी उत्पादक संघ ने कहा कि वे अपनी प्रक्रिया सुधारेंगे और स्वैच्छिक जांच कराएंगे। सरकार ने हर छह महीने में नए नमूने लेने की योजना बनाई है। समाचार स्रोत: अमर उजाला — भारत
समाचार स्रोत: अमर उजाला — भारत

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