लाइव
टाइम्स न्यूज़ नाउ में आपका स्वागत है — सिर्फ सच।ऑटो-पब्लिशिंग इंजन तैयार है। एडमिन → ऑटोमैटिक से कॉन्फ़िगर करें।टाइम्स न्यूज़ नाउ में आपका स्वागत है — सिर्फ सच।ऑटो-पब्लिशिंग इंजन तैयार है। एडमिन → ऑटोमैटिक से कॉन्फ़िगर करें।
champaran

मानसून की तूफानी वापसी: चंपारण समेत 11 जिलों में भारी बारिश, 50 किमी/घंटा की हवाएं

19/8/2026, 1:04:52 am
मानसून की तूफानी वापसी: चंपारण समेत 11 जिलों में भारी बारिश, 50 किमी/घंटा की हवाएं
बिहार में मानसून ने फिर से जोरदार दस्तक दी है। मौसम विभाग ने आज चंपारण, बक्सर, सारण, सीवान, गोपालगंज, मुजफ्फरपुर, दरभंगा, मधुबनी, सीतामढ़ी, शिवहर और पूर्वी चंपारण समेत 11 जिलों में भारी बारिश की चेतावनी जारी की है। अधिकारियों के मुताबिक अगले 24 घंटे में 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चल सकती हैं। तेज हवा के साथ बिजली गिरने और ओले पड़ने की भी संभावना है। जिला प्रशासन ने निचले इलाकों में रहने वाले लोगों को सुरक्षित स्थानों पर जाने की सलाह दी है। स्कूलों और कॉलेजों को आज बंद रखने का आदेश जारी किया गया है। किसानों को खेतों में पानी भरने से फसल नुकसान की आशंका है। कृषि विभाग ने जल्दी कटाई और जल निकासी की व्यवस्था करने को कहा है। रेलवे और सड़क परिवहन पर भी असर पड़ सकता है। कई ट्रेनों को रद्द या डायवर्ट किया गया है। यात्रियों से अपील है कि यात्रा से पहले ताजा जानकारी लें। मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि बंगाल की खाड़ी से नम हवाओं का प्रवाह बढ़ने के कारण यह स्थिति बनी है। अगले दो दिनों तक बारिश जारी रहने का अनुमान है। लोगों से अपील है कि बिजली के खंभों, पेड़ों और कमजोर ढांचों के पास न जाएं। आपात स्थिति में 112 पर कॉल करें। मौसम विभाग के अनुसार इन जिलों में 100 से 150 मिलीमीटर तक बारिश दर्ज की जा सकती है। नदियों के जलस्तर में तेजी से वृद्धि होने की आशंका है, जिससे निचले इलाकों में बाढ़ का खतरा बढ़ गया है। बिजली विभाग ने ग्रामीण इलाकों में ट्रांसफॉर्मर और लाइनों की निगरानी बढ़ा दी है। बिजली कटौती की संभावना को देखते हुए लोगों से बैटरी और इन्वर्टर तैयार रखने को कहा गया है। स्वास्थ्य विभाग ने डेंगू, मलेरिया और जलजनित बीमारियों के फैलाव को रोकने के लिए फॉगिंग और सफाई अभियान शुरू किया है। ग्रामीणों को साफ पानी पीने और मच्छरदानी का उपयोग करने की सलाह दी गई है। पशुपालन विभाग ने पशुओं को सुरक्षित स्थान पर रखने और चारा-भूसा ऊंचे स्थान पर स्टोर करने का निर्देश दिया है। बाढ़ की स्थिति में पशुओं के लिए अस्थायी शेड तैयार किए जा रहे हैं। जिला प्रशासन ने राहत शिविरों की व्यवस्था की है और NDRF की टीमें तैनात की गई हैं। प्रभावित परिवारों को खाद्यान्न, पेयजल और दवाएं उपलब्ध कराई जाएंगी। मौसम वैज्ञानिकों ने अगले 48 घंटे तक इसी तरह की गतिविधि जारी रहने का अनुमान लगाया है। लोगों से अनुरोध है कि वे स्थानीय प्रशासन के निर्देशों का पालन करें और अफवाहों पर ध्यान न दें। समाचार स्रोत: Google News — Champaran (Hindi)
समाचार स्रोत: Google News — Champaran (Hindi)

संबंधित