लाइव
टाइम्स न्यूज़ नाउ में आपका स्वागत है — सिर्फ सच।ऑटो-पब्लिशिंग इंजन तैयार है। एडमिन → ऑटोमैटिक से कॉन्फ़िगर करें।टाइम्स न्यूज़ नाउ में आपका स्वागत है — सिर्फ सच।ऑटो-पब्लिशिंग इंजन तैयार है। एडमिन → ऑटोमैटिक से कॉन्फ़िगर करें।
विश्व

नयनिका मेहतानी की 'मैं वापस आऊंगा' — विभाजन की यादों से बुनी कहानी

16/8/2026, 8:07:50 am
नयनिका मेहतानी की 'मैं वापस आऊंगा' — विभाजन की यादों से बुनी कहानी
Original publisher image
जून में रिलीज़ हुई फ़िल्म 'मैं वापस आऊंगा' की लेखिका नयनिका मेहतानी ने बीबीसी को बताया कि उनका बचपन उन बुजुर्गों की कहानियों के बीच बीता जो पाकिस्तान से भारत आए थे। नयनिका कहती हैं, "मेरे दादा-दादी और पड़ोस के लोग अक्सर अपने गांव, खेत और दोस्तों की याद सुनाते थे। वही बातें मेरे दिमाग में बैठ गईं।" उन्होंने बताया कि ये कहानियाँ केवल इतिहास नहीं, बल्कि उनके लेखन की रीढ़ हैं। फ़िल्म की कहानी एक ऐसे परिवार की है जो विभाजन के बाद अपनी जड़ें ढूंढता है। नयनिका ने स्क्रिप्ट लिखते समय असली किस्सों को आधार बनाया। वे कहती हैं, "मैंने कोई काल्पनिक घटना नहीं डाली, सिर्फ वही बातें लिखीं जो मैंने सुनी थीं।" बीबीसी से बातचीत में नयनिका ने बताया कि फ़िल्म का शीर्षक 'मैं वापस आऊंगा' उनके बचपन के एक वाक्य से निकला है। जब भी कोई बुजुर्ग अपने गांव की बात करता, वह कहता – "मैं वापस आऊंगा।" यही लाइन फ़िल्म की आत्मा बन गई। नयनिका का मानना है कि विभाजन की यादें आज भी लोगों के दिलों में ज़िंदा हैं। वे कहती हैं, "हमारी पीढ़ी उन दर्द को समझती है, भले ही हमने उसे नहीं देखा।" फ़िल्म के ज़रिए वे उन आवाज़ों को सामने लाना चाहती हैं जो अक्सर अनसुनी रह जाती हैं। फ़िल्म को क्रिटिक्स ने सराहा और दर्शकों ने भी भावुक प्रतिक्रिया दी। नयनिका आगे भी ऐसी कहानियाँ लिखना चाहती हैं जो इतिहास और व्यक्तिगत अनुभव को जोड़ें। वे कहती हैं, "मेरा मकसद सिर्फ मनोरंजन नहीं, बल्कि याद दिलाना है।" नयनिका की यह यात्रा दिखाती है कि कैसे पारिवारिक कहानियाँ एक लेखक को बड़े पर्दे तक ले जा सकती हैं। उनकी आवाज़ अब उन लाखों लोगों की आवाज़ बन चुकी है जो अपने घर लौटने का सपना देखते हैं। समाचार स्रोत: BBC हिंदी — दुनिया
समाचार स्रोत: BBC हिंदी — दुनिया

संबंधित