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मालदीव ने थिलाफुशी पोर्ट का ठेका चीन को दिया, भारत को बड़ा झटका

9/9/2026, 11:13:34 pm
मालदीव ने थिलाफुशी पोर्ट का ठेका चीन को दिया, भारत को बड़ा झटका
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मालदीव ने थिलाफुशी पोर्ट के विकास का ठेका चीन की कंपनी चाइना हार्बर इंजीनियरिंग कंपनी (सीएचईसी) को दे दिया है। यह फैसला भारत के लिए बड़ा झटका माना जा रहा है क्योंकि भारतीय कंपनियां भी इस प्रोजेक्ट की दौड़ में थीं। थिलाफुशी माले के पास एक कृत्रिम द्वीप है और यह पोर्ट सामरिक रूप से काफी अहम है। मालदीव सरकार ने एक बयान में कहा कि ठेका पूरी पारदर्शिता और मेरिट के आधार पर दिया गया है। राष्ट्रपति मोहम्मद मुइज्जू के कार्यालय ने साफ किया कि इस फैसले से देश की संप्रभुता पर कोई आंच नहीं आएगी। सरकार का दावा है कि चीनी कंपनी ने सबसे बेहतर तकनीकी और वित्तीय प्रस्ताव दिया था। भारत की तरफ से अभी कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है, लेकिन कूटनीतिक हलकों में इस फैसले को चिंता की नजर से देखा जा रहा है। हिंद महासागर में चीन का बढ़ता दखल भारत की सुरक्षा चिंताओं को बढ़ाता है। थिलाफुशी पोर्ट चीन के 'स्ट्रिंग ऑफ पर्ल्स' रणनीति का हिस्सा बन सकता है। पिछले कुछ सालों में चीन ने मालदीव में कई बड़े इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट पूरे किए हैं। सिनामाले ब्रिज और हुलहुमाले एयरपोर्ट विस्तार इसके उदाहरण हैं। वहीं भारत 'नेबरहुड फर्स्ट' नीति के तहत मालदीव को विकास सहायता देता रहा है। दोनों देशों के बीच रस्साकशी लंबे समय से चल रही है। जानकार मानते हैं कि इस ठेके से मालदीव में चीन का प्रभाव और बढ़ेगा। भारत के लिए अब यह देखना अहम होगा कि वह अपनी रणनीति में क्या बदलाव करता है। मालदीव की घरेलू राजनीति में भी चीन समर्थक रुझान मजबूत हो रहे हैं। समाचार स्रोत: अमर उजाला — विश्व
समाचार स्रोत: अमर उजाला — विश्व

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