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भारत

मणिपुर में NRC: 1951 आधार वर्ष तय, 24,475 अवैध प्रवासी चिह्नित; वापसी का आंकड़ा अब भी साफ नहीं

8/9/2026, 5:11:50 am
मणिपुर में NRC: 1951 आधार वर्ष तय, 24,475 अवैध प्रवासी चिह्नित; वापसी का आंकड़ा अब भी साफ नहीं
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मणिपुर में राष्ट्रीय नागरिक रजिस्टर (एनआरसी) लागू करने की दिशा में बड़ा कदम उठाया गया है। राज्य सरकार ने 1951 की जनगणना को आधार वर्ष मानने का फैसला किया है। यानी जो लोग 1951 से पहले से प्रदेश में रह रहे हैं, उन्हें ही मूल निवासी माना जाएगा। इसके बाद आए लोगों की नागरिकता जांची जाएगी। गृह विभाग के अनुसार अब तक 24,475 लोगों को अवैध प्रवासी के तौर पर चिह्नित किया गया है। यह आंकड़ा पिछले कुछ महीनों के सर्वे और दस्तावेज़ जांच के बाद सामने आया है। लेकिन सरकार ने अभी तक यह नहीं बताया कि इनमें से कितनों को उनके मूल देश वापस भेजा गया है। विपक्षी दल इस चुप्पी पर सवाल उठा रहे हैं। कांग्रेस नेता ओकराम इबोबी सिंह ने कहा कि केवल पहचान करना काफी नहीं, कार्रवाई भी दिखनी चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार आंकड़े छुपा रही है। वहीं भाजपा का कहना है कि प्रक्रिया कानून के मुताबिक चल रही है और जल्द नतीजे सामने आएंगे। मणिपुर में अवैध प्रवासियों का मुद्दा लंबे समय से संवेदनशील रहा है, खासकर म्यांमार से आने वालों को लेकर। 2023 की हिंसा के बाद यह मुद्दा और गरमाया। कई संगठन एनआरसी की मांग कर रहे थे, जिसके बाद सरकार ने इस पर अमल शुरू किया। अधिकारियों का लक्ष्य 2026 तक एनआरसी की प्रक्रिया पूरी करने का है। गांव‑गांव सर्वे चल रहा है और ग्राम पंचायतों को दस्तावेज़ जुटाने की जिम्मेदारी दी गई है। समाचार स्रोत: अमर उजाला — भारत
समाचार स्रोत: अमर उजाला — भारत

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