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भारत

ब्रिक्स 2026: मसूद पेजेश्कियन ने भारत आते ही रचा इतिहास

10/9/2026, 11:01:51 pm
ब्रिक्स 2026: मसूद पेजेश्कियन ने भारत आते ही रचा इतिहास
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ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियन ब्रिक्स 2026 शिखर सम्मेलन में भाग लेने के लिए सोमवार को नई दिल्ली के इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर उतरे। उनके आगमन के साथ ही एक ऐतिहासिक रिकॉर्ड दर्ज हुआ क्योंकि वे ब्रिक्स बैठक में व्यक्तिगत रूप से शामिल होने वाले पहले ईरानी राष्ट्रपति बने। भारत सरकार ने उनका स्वागत राजकीय सम्मान के साथ किया और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने हवाई अड्डे पर ही उनसे द्विपक्षीय मुद्दों पर संक्षिप्त बातचीत की। विदेश मंत्री एस. जयशंकर भी बैठक में मौजूद रहे और उन्होंने क्षेत्रीय संपर्क पर जोर दिया। दोनों नेताओं ने व्यापार संतुलन, ऊर्जा सुरक्षा, चाबहार बंदरगाह के विकास और आतंकवाद विरोधी सहयोग जैसे प्रमुख विषयों पर विस्तार से चर्चा की। पेजेश्कियन ने स्पष्ट किया कि ईरान भारत के साथ तेल, प्राकृतिक गैस और नवीकरणीय ऊर्जा के क्षेत्र में निवेश बढ़ाना चाहता है। उन्होंने यह भी कहा कि दोनों देशों के बीच सांस्कृतिक आदान-प्रदान को मजबूत करने के लिए नई योजनाएं शुरू की जाएंगी। भारतीय पक्ष ने चाबहार बंदरगाह को अंतरराष्ट्रीय उत्तर-दक्षिण परिवहन गलियारे का हिस्सा बनाने के लिए तकनीकी और वित्तीय सहायता का प्रस्ताव रखा। शिखर सम्मेलन के एजेंडा में जलवायु परिवर्तन पर संयुक्त कार्ययोजना, डिजिटल अर्थव्यवस्था और सुधारवादी वित्तीय संस्थानों का निर्माण शामिल है। विश्लेषकों का मानना है कि यह यात्रा दक्षिण एशिया और मध्य एशिया के बीच नई रणनीतिक साझेदारी की शुरुआत कर सकती है। इससे क्षेत्र में शांति और स्थिरता की संभावनाएं बढ़ेंगी। ब्रिक्स के अन्य सदस्य देशों – ब्राजील, रूस, चीन और दक्षिण अफ्रीका – ने भी इस पहल का स्वागत किया और भविष्य में अधिक सहयोग की उम्मीद जताई। सम्मेलन 12 से 14 सितंबर तक चलेगा और इसमें वैश्विक आर्थिक अनिश्चितता, आपूर्ति श्रृंखला सुरक्षा और बहुपक्षीय व्यापार नियमों पर गहन चर्चा होगी। भारत इस मंच का उपयोग अपनी ‘वसुधैव कुटुंबकम’ नीति को आगे बढ़ाने के लिए करेगा।
समाचार स्रोत: अमर उजाला — भारत

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