भारत
मेटा देगी बच्चों के यौन शोषण की जानकारी सीधे पुलिस को, ऑनलाइन सुरक्षा होगी मजबूत
15/9/2026, 4:14:43 am

Original publisher image
सरकार की सख्ती के बाद मेटा ने बच्चों के यौन शोषण से जुड़े सभी मामलों की जानकारी सीधे भारतीय पुलिस को देने का निर्णय लिया है। इस कदम का मुख्य उद्देश्य ऑनलाइन प्लेटफॉर्म पर अपराधियों की शीघ्र पहचान और पीड़ित बच्चों की मदद करना है। सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय के नए दिशानिर्देशों ने सोशल मीडिया कंपनियों को बाल सुरक्षा के प्रति अधिक उत्तरदायी बनाने पर बल दिया है।
मेटा के प्रवक्ता ने बताया कि कंपनी ने एक स्वचालित प्रणाली तैयार की है जो कृत्रिम बुद्धिमता की मदद से संदिग्ध सामग्री का पता लगाने पर तुरंत संबंधित कानून प्रवर्तन एजेंसियों को अलर्ट भेज देगी। उन्होंने स्पष्ट किया कि केवल पुष्टि किए गए मामलों की ही जानकारी साझा की जाएगी ताकि गलत सूचना का जोखिम कम हो सके।
इस व्यवस्था से पुलिस को सबूत मिलने में देरी नहीं होगी और जांच की गति बढ़ेगी। विशेषकर उन मामलों में जहां अपराधी फर्जी प्रोफाइल बनाकर बच्चों को फंसाते हैं, त्वरित कार्रवाई से उनका नेटवर्क तोड़ना आसान हो जाएगा। जांच अधिकारी अब तुरंत डिजिटल सबूत प्राप्त कर सकते हैं, जिससे आरोपियों की गिरफ्तारी में तेजी आएगी।
कानून विशेषज्ञों का मानना है कि जब प्लेटफॉर्म खुद अपराध की सूचना देगा, तो न्यायिक प्रक्रिया में पारदर्शिता आएगी। इससे दोषियों को सजा मिलने की संभावना बढ़ेगी और पीड़ित परिवारों को मानसिक राहत मिलेगी। उन्होंने कहा कि इस तरह की जवाबदेही से अन्य डिजिटल प्लेटफॉर्म भी इसी राह पर चलने के लिए प्रेरित होंगे।
कुछ निजता advocates ने चिंता जताई है कि डेटा साझा करने की प्रक्रिया पूरी तरह पारदर्शी होनी चाहिए, नहीं तो निर्दोष उपयोगकर्ताओं पर गलत असर पड़ सकता है। मेटा ने कहा कि उसने डेटा एन्क्रिप्शन और सीमित एक्सेस के नियम तय किए हैं ताकि केवल अधिकृत अधिकारी ही जानकारी देख सकें। उन्होंने यह भी जोड़ा कि किसी भी दुरुपयोग पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी और नियमित ऑडिट किए जाएंगे।
बाल अधिकार संगठनों ने इस पहल का स्वागत किया है और इसे भारत में डिजिटल सुरक्षा की दिशा में महत्वपूर्ण कदम बताया है। उन्होंने अन्य सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म से भी podobar कदम उठाने की अपील की है ताकि बच्चों का ऑनलाइन अनुभव सुरक्षित बने।
सरकार ने स्पष्ट किया है कि इस प्रणाली का पालन सुनिश्चित करने के लिए निरंतर निगरानी की जाएगी और किसी भी लापरवाही पर दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी। इस पहल से उम्मीद है कि बच्चों के खिलाफ ऑनलाइन अपराध में कमी आएगी और डिजिटल स्थान अधिक सुरक्षित हो जाएगा।
समाचार स्रोत: अमर उजाला — भारत
समाचार स्रोत: अमर उजाला — भारत
संबंधित
भारतइटली के तीन यात्री बिना इमीग्रेशन उड़ान भर गए, गृह मंत्रालय ने बुलाई आपात बैठक
15/9/2026, 3:11:29 am
भारतनगांव उपचुनाव: पूर्व बीडीओ ने पूर्व डीसी को दी चुनौती, कांग्रेस ने शिबामोनी बोरा को उतारा
15/9/2026, 2:49:30 am
भारतरोजगार के नए केंद्र: प्रयागराज, लेह और उधमसिंह नगर में तेजी से बढ़ी श्रमिक गतिविधियां
15/9/2026, 2:33:07 am
भारतपाकिस्तानी क्रीमों में भारी धातु: CDSCO की चेतावनी, ऐसे बचें
15/9/2026, 2:25:12 am
भारतभारी बारिश ने आदि कैलाश यात्रा रोकी, हिमाचल में 55 सड़कें बंद, गुजरात में रेड अलर्ट
15/9/2026, 2:14:23 am
भारतभारत की अंतरिक्ष अर्थव्यवस्था: 200+ उपयोगी मामले, ये क्षेत्र बदलेंगे
15/9/2026, 1:53:06 am
