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मोतिहारी में चावल की कमी से एक सप्ताह से मध्याह्न भोजन बंद

8/9/2026, 5:46:32 pm
मोतिहारी में चावल की कमी से एक सप्ताह से मध्याह्न भोजन बंद
मोतिहारी जिले के सरकारी स्कूलों में मध्याह्न भोजन योजना पिछले सात दिनों से बंद है। कारण साफ है – चावल की आपूर्ति नहीं हो पा रही है। जिला शिक्षा अधिकारी ने बताया कि खाद्य निगम से चावल की खेप समय पर नहीं पहुंची। इस वजह से रसोईघर में चावल का स्टॉक खत्म हो गया और भोजन बनाना असंभव हो गया। करीब 12 हजार बच्चे रोज इस योजना से पौष्टिक भोजन पाते थे। अब उन्हें घर से खाना लाना पड़ रहा है या फिर भूखे रहना पड़ रहा है। अभिभावकों ने जिला प्रशासन से जल्द चावल मुहैया कराने की मांग की है। कुछ पालकों ने स्थानीय विधायक से भी हस्तक्षेप की अपील की है। शिक्षा विभाग के अधिकारियों ने कहा कि वे वैकल्पिक स्रोत से चावल जुटाने की कोशिश कर रहे हैं। उन्होंने यह भी बताया कि केंद्र सरकार की योजना के तहत अनाज की आपूर्ति नियमित होनी चाहिए। फिलहाल जिला प्रशासन ने खाद्य निगम को तुरंत चावल भेजने का निर्देश दिया है। अगर आपूर्ति जल्द बहाल नहीं हुई तो बच्चों की पढ़ाई और स्वास्थ्य पर बुरा असर पड़ेगा। स्थानीय लोग प्रशासन की त्वरित कार्रवाई की उम्मीद कर रहे हैं। मध्याह्न भोजन योजना केंद्र सरकार द्वारा संचालित होती है और इसका उद्देश्य प्राथमिक और उच्च प्राथमिक कक्षाओं के बच्चों को पौष्टिक भोजन देना है। योजना के तहत हर स्कूल को प्रतिदिन निर्धारित मात्रा में चावल, दाल और सब्जी मिलनी चाहिए। पिछले महीने भी इसी जिले में चावल की कमी से दो दिनों तक भोजन बंद रहा था। तब प्रशासन ने आनन-फानन में नजदीकी जिले से चावल मंगवाकर व्यवस्था बहाल की थी। शिक्षकों का कहना है कि भूखे बच्चे कक्षा में ध्यान नहीं लगा पाते और अनुपस्थिति बढ़ रही है। कुछ अभिभावकों ने बताया कि उनके बच्चे घर पर ही भोजन कर रहे हैं, जिससे परिवार का बजट बिगड़ रहा है। जिलाधिकारी ने बैठक बुलाकर खाद्य निगम, आपूर्ति विभाग और शिक्षा विभाग के अफसरों को त्वरित समाधान निकालने को कहा। उन्होंने यह भी निर्देश दिया कि अगले दो दिनों में चावल की खेप हर स्कूल तक पहुंच जाए। स्थानीय एनजीओ भी मदद के लिए आगे आए हैं और उन्होंने अपने स्तर पर चावल का इंतजाम शुरू कर दिया है। विशेषज्ञों का मानना है कि लंबे समय तक आपूर्ति बाधित रहने से कुपोषण का खतरा बढ़ सकता है। इसलिए प्रशासन को न केवल तात्कालिक बल्कि दीर्घकालिक आपूर्ति तंत्र मजबूत करना होगा। समाचार स्रोत: Google News — Motihari (Hindi)
समाचार स्रोत: Google News — Motihari (Hindi)

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