लाइव
टाइम्स न्यूज़ नाउ में आपका स्वागत है — सिर्फ सच।ऑटो-पब्लिशिंग इंजन तैयार है। एडमिन → ऑटोमैटिक से कॉन्फ़िगर करें।टाइम्स न्यूज़ नाउ में आपका स्वागत है — सिर्फ सच।ऑटो-पब्लिशिंग इंजन तैयार है। एडमिन → ऑटोमैटिक से कॉन्फ़िगर करें।
भारत

मोदी-शी मुलाकात: त्रिपक्षीय सम्मेलन में अलग से बातचीत, सीमा तनाव घटने की उम्मीद

10/9/2026, 11:15:31 pm
मोदी-शी मुलाकात: त्रिपक्षीय सम्मेलन में अलग से बातचीत, सीमा तनाव घटने की उम्मीद
Original publisher image
जोहान्सबर्ग में चल रहे ब्रिक्स शिखर सम्मेलन के मौके पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग के बीच अलग से द्विपक्षीय बैठक तय हुई है। विदेश मंत्रालय ने गुरुवार को इसकी पुष्टि करते हुए कहा कि दोनों नेता सीमा विवाद, व्यापार असंतुलन और क्षेत्रीय स्थिरता पर खुलकर बात करेंगे। यह मुलाकात करीब तीन साल बाद हो रही है। जून 2020 में गलवान घाटी में हुए हिंसक टकराव के बाद दोनों देशों के रिश्तों में गहरी खाई आ गई थी। उसके बाद कई दौर की सैन्य और कूटनीतिक वार्ताएं हुईं, लेकिन शीर्ष नेतृत्व के स्तर पर कोई सीधी बातचीत नहीं हुई थी। सूत्रों के मुताबिक भारत का जोर वास्तविक नियंत्रण रेखा (एलएसी) पर पूरी तरह पीछे हटने और गश्त बहाल करने पर रहेगा। चीन चाहता है कि सीमा मसले को किनारे रखकर व्यापार और निवेश बढ़ाया जाए। भारत साफ कर चुका है कि सीमा पर शांति के बिना दूसरे क्षेत्रों में सामान्य रिश्ते मुमकिन नहीं। पिछले महीने दोनों देशों के विदेश मंत्रियों की बैठक में भी यही रुख दोहराया गया था। अब शीर्ष नेताओं की मुलाकात से उम्मीद बंधी है कि लंबित मुद्दों पर कोई रूपरेखा बने। जानकार मानते हैं कि तत्काल बड़ी सफलता भले न मिले, लेकिन बातचीत का सिलसिला शुरू होना ही सकारात्मक संकेत है। ब्रिक्स मंच पर दोनों देशों का साझा हित भी है — वैश्विक दक्षिण की आवाज बुलंद करना, डॉलर पर निर्भरता घटाना और बहुध्रुवीय विश्व व्यवस्था को मजबूत करना। इस पृष्ठभूमि में मोदी-शी वार्ता का असर द्विपक्षीय रिश्तों से आगे भी जाएगा।
समाचार स्रोत: अमर उजाला — भारत

संबंधित