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मोहन भागवत ने अमेरिका के इस्कॉन मंदिर में कृष्ण चेतना को विश्व एकता का मार्ग बताया

28/8/2026, 4:26:17 am
मोहन भागवत ने अमेरिका के इस्कॉन मंदिर में कृष्ण चेतना को विश्व एकता का मार्ग बताया
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राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सरसंघचालक मोहन भागवत ने पिछले हफ्ते अमेरिका के न्यूयॉर्क स्थित इस्कॉन मंदिर का दौरा किया। मंदिर के मुख्य सभागार में उन्होंने भक्तों को संबोधित करते हुए कृष्ण चेतना को विश्व को जोड़ने का एकमात्र प्रभावी मार्ग बताया। उन्होंने कहा कि यह चेतना केवल पूजा‑पाठ तक सीमित नहीं, बल्कि मानवता के साझा मूल्यों और नैतिक कर्तव्यों का प्रतीक है। भागवत ने मंदिर के प्रमुख स्वामी श्रीला प्रभुपाद के अनुयायियों से मुलाकात की और सामाजिक सद्भाव, पर्यावरण संरक्षण तथा युवा पीढ़ी के नैतिक विकास पर विस्तार से चर्चा की। उन्होंने जोर देकर कहा कि आध्यात्मिक जागरूकता के बिना कोई भी सामाजिक परिवर्तन अधूरा रहता है। अमेरिका में इस्कॉन के कई केंद्रों पर भागवत का स्वागत बड़ी गर्मजोशी से किया गया। मंदिर प्रबंधन ने उनके विचारों को ‘समय की मांग’ बताते हुए कहा कि कृष्ण चेतना विश्व शांति के लिए एक व्यावहारिक समाधान प्रस्तुत करती है। विश्लेषकों का मानना है कि यह दौरा आरएसएस के वैश्विक संपर्क अभियान का हिस्सा है, जिसका उद्देश्य भारतीय दर्शन को अंतरराष्ट्रीय मंच पर प्रस्तुत करना है। भागवत ने युवाओं से अपील की कि वे आध्यात्मिक साधना के साथ‑साथ सामाजिक दायित्व निभाएं, ताकि समाज में समरसता बनी रहे। उन्होंने कृष्ण चेतना के तीन मुख्य स्तंभों—भक्ति, ज्ञान और सेवा—को रेखांकित किया और कहा कि भक्ति मन को शुद्ध करती है, ज्ञान विवेक देता है और सेवा समाज को जोड़ती है। समाचार स्रोत: अमर उजाला — विश्व
समाचार स्रोत: अमर उजाला — विश्व

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