लाइव
टाइम्स न्यूज़ नाउ में आपका स्वागत है — सिर्फ सच।ऑटो-पब्लिशिंग इंजन तैयार है। एडमिन → ऑटोमैटिक से कॉन्फ़िगर करें।टाइम्स न्यूज़ नाउ में आपका स्वागत है — सिर्फ सच।ऑटो-पब्लिशिंग इंजन तैयार है। एडमिन → ऑटोमैटिक से कॉन्फ़िगर करें।
motihari

मोतिहारी में चार सिपाही बर्खास्त, तीन लाख नकदी चुराते पकड़े गए

17/9/2026, 2:06:48 am
मोतिहारी में चार सिपाही बर्खास्त, तीन लाख नकदी चुराते पकड़े गए
मोतिहारी, बिहार : जिला पुलिस ने भ्रष्टाचार के गंभीर आरोप में चार सिपाहियों को तुरंत प्रभाव से बर्खास्त कर दिया है। कार्रवाई उस समय की गई जब एक छापेमारी के दौरान इन सिपाहियों को तीन लाख नक़दी चुराते हुए पकड़ा गया। घटना पिछले सोमवार को हुई जब एक विशेष टीम ने अवैध शराब के भंडार का पता लगाने के लिए एक घर में दबिश दी। छापेमारी दल ने घर के अंदर कई बोतलें और नकदी का बंडल देखा। जब पुलिस अधिकारी ने सबूत इकट्ठा करना शुरू किया, तब चारों सिपाहियों ने नकदी को अपनी जेब में डालने की कोशिश की। उनके हाथों से पैसे गिरते देख अन्य कर्मचारी ने तुरंत वरिष्ठ अधिकारियों को सूचना दी। घटनास्थल पर मौजूद कैमरे ने पूरी हरकत को रिकॉर्ड कर लिया। इसके बाद जिला पुलिस अधीक्षक ने तुरंत विभागीय जांच के आदेश दिए। जांच टीम ने सीसीटीवी फुटेज, गवाहों के बयान और जब्त किए गए नोटों का सिलसिलेवार रिकॉर्ड तैयार किया। प्रारंभिक पूछताछ में सिपाहियों ने अपनी गलती स्वीकार करते हुए कहा कि वे पैसे को अपने पास रखकर बाद में बांटने की योजना बना रहे थे। जांच अधिकारियों ने इस बयान को लिखित में दर्ज कराया और मामला सतर्कता विभाग को भेज दिया। विभागीय कार्रवाई में पहले चारों सिपाहियों को निलंबित कर दिया गया और फिर सेवा से बर्खास्त कर दिया गया। उनके खिलाफ आपराधिक मामला भी दर्ज किया गया, जिसमें धोखाधड़ी और सरकारी संपत्ति के हेराफेरी की धारा लगाई गई। अदालत में पेशी की तारीख निर्धारित की गई है और आरोपियों को जमानत पर रिहा नहीं किया गया है। स्थानीय न्यायालय ने सख्त रुख अपनाते हुए कहा कि ऐसे कदाचार को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। घटना के बाद स्थानीय नागरिकों और कुछ राजनीतिक दलों ने पुलिस व्यवस्था में पारदर्शिता की मांग की है। उन्होंने कहा कि एक बार विश्वास टूटने पर उसे फिर से हासिल करना मुश्किल होता है। पुलिस प्रमुख ने press conference में कहा कि विभाग ने zero tolerance नीति अपनाई है और भविष्य में इसी तरह की घटनाओं को रोकने के लिए सख्त निगरानी, नियमित आडिट और कर्मचारियों के नैतिक प्रशिक्षण पर ज़ोर दिया जाएगा। विशेषज्ञों का मानना है कि समय‑समय पर आंतरिक जांच और व्हिसल‑ब्लोवर प्रणाली मजबूत करने से ऐसे कदाचार पर अंकुश लगाया जा सकता है। Motihari की इस घटना ने फिर से याद दिलाया कि सार्वजनिक सेवा में ईमानदारी ही आधार है। अब उम्मीद है कि इसी तरह की कार्रवाई其他 जिलों में भी एक मिसाल बनेगी। समाचार स्रोत: Google News — Motihari (Hindi)
समाचार स्रोत: Google News — Motihari (Hindi)

संबंधित