लाइव
टाइम्स न्यूज़ नाउ में आपका स्वागत है — सिर्फ सच।ऑटो-पब्लिशिंग इंजन तैयार है। एडमिन → ऑटोमैटिक से कॉन्फ़िगर करें।टाइम्स न्यूज़ नाउ में आपका स्वागत है — सिर्फ सच।ऑटो-पब्लिशिंग इंजन तैयार है। एडमिन → ऑटोमैटिक से कॉन्फ़िगर करें।
motihari

मोतिहारी में प्रधानाचार्य ने कर्ज लेकर चलाया मध्याह्न भोजन

8/9/2026, 5:46:18 pm
मोतिहारी में प्रधानाचार्य ने कर्ज लेकर चलाया मध्याह्न भोजन
मोतिहारी के एक प्राथमिक विद्यालय में मध्याह्न भोजन योजना ठप होने के कगार पर है। प्रधानाचार्य ने बताया कि पिछले तीन महीने से सरकारी राशि नहीं आई है। इस वजह से बच्चों को दोपहर का खाना नहीं मिल पा रहा था। प्रधानाचार्य ने अपने स्तर पर कर्ज लेकर रसोई चलाने का फैसला लिया। उन्होंने स्थानीय साहूकार से पचास हजार रुपये उधार लिए और खाद्य सामग्री खरीदी। अब स्कूल में रोजाना दो सौ से अधिक बच्चों को गर्म भोजन परोसा जा रहा है। प्रधानाचार्य का कहना है कि यह कर्ज केवल अस्थायी उपाय है। उन्होंने जिला शिक्षा अधिकारी से जल्द राशि जारी करने की मांग की है। अभिभावकों ने भी इस पहल की सराहना की है। वे कहते हैं कि बच्चों की पढ़ाई पर भूख का असर नहीं पड़ना चाहिए। जिला प्रशासन ने मामले की जांच शुरू कर दी है। अधिकारी ने आश्वासन दिया कि अगले सप्ताह तक राशि भेज दी जाएगी। तब तक प्रधानाचार्य कर्ज की रकम चुकाने की योजना बना रहे हैं। इस घटना ने ग्रामीण इलाकों में मध्याह्न भोजन योजना की वित्तीय कमजोरी को उजागर किया है। सामाजिक कार्यकर्ता मांग कर रहे हैं कि योजना के लिए नियमित और समय पर फंड जारी हो। स्कूल प्रबंधन समिति ने भी लिखित शिकायत दर्ज कराई है। उम्मीद है कि जल्द ही स्थिति सामान्य होगी और बच्चों को नियमित पौष्टिक भोजन मिलता रहेगा। इस बीच, पास के गांवों के अन्य स्कूलों में भी यही स्थिति देखी गई है। जिला शिक्षा अधिकारी ने बताया कि राज्य स्तर पर राशि का आवंटन समय पर नहीं हो पा रहा है। उन्होंने कहा कि जल्द ही एक विशेष निधि जारी की जाएगी। अभिभावक संघ ने जिलाधिकारी को पत्र लिखकर त्वरित कार्रवाई की मांग की है। स्थानीय एनजीओ ‘सेवा भारती’ ने भी रसोई के लिए अनाज दान किया है। इससे कुछ दिनों तक भोजन की आपूर्ति बनी रहेगी। प्रधानाचार्य ने कहा कि वे कर्ज की रकम अगले महीने तक वापस कर देंगे। बच्चों की उपस्थिति में सुधार देखा गया है क्योंकि उन्हें दोपहर का भोजन मिल रहा है। स्वास्थ्य विभाग की टीम ने स्कूल का दौरा किया और पोषण स्तर की जांच की। उन्होंने पाया कि नियमित भोजन से बच्चों का वजन बढ़ा है। इस घटना ने नीति निर्माताओं को योजना के वित्तीय प्रबंधन पर पुनर्विचार करने को मजबूर किया है। आगे चलकर डिजिटल भुगतान प्रणाली लागू करने की बात चल रही है। समाचार स्रोत: Google News — Motihari (Hindi)
समाचार स्रोत: Google News — Motihari (Hindi)

संबंधित