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मोतिहारी में हवाई अड्डा की बजाय बनेगा मेडिकल कालेज

26/8/2026, 2:00:00 am
मोतिहारी में हवाई अड्डा की बजाय बनेगा मेडिकल कालेज
मोतिहारी में लंबे समय से हवाई अड्डा बनाने की योजना चली आ रही थी. राज्य सरकार और केंद्रीय एजेंसियों ने इस परियोजना को क्षेत्र के विकास के लिए महत्वपूर्ण माना था. हालांकि, जमीन अधिग्रहण, वित्तीय संसाधनों की कमी और पर्यावरणीय चिंताओं के कारण इस योजना को आगे बढ़ाना मुश्किल हो गया. recente में लिए गए निर्णय में अधिकारियों ने बताया कि हवाई अड्डा की बजाय अब उसी स्थान पर एक मेडिकल कालेज स्थापित किया जाएगा. इस फैसले के पीछे मुख्य कारण स्थानीय लोगों की स्वास्थ्य सेवाओं की कमी बताई गई है. मोतिहारी और आसपास के जिलों में चिकित्सा सुविधाओं की कमी लंबे समय से समस्या बनी हुई है. विशेषज्ञों का मानना है कि एक मेडिकल कालेज न केवल डॉक्टरों और नर्सों की किल्लत को दूर करेगा, बल्कि अनुसंधान और विशेष चिकित्सा सेवाओं को भी बढ़ावा देगा. इसी जमीन पर 25 एकड़ में बनने वाले इस संस्थान में एमबीबीएस, नर्सिंग और पैरामेडिकल कोर्स शुरू किए जाने की योजना है. सरकार ने कहा कि पहले चरण में इमारतों का निर्माण, प्रयोगशालाओं की स्थापना और पुस्तकालय की व्यवस्था की जाएगी. इसके बाद धीरे-धीरे क्लिनिकल पढ़ाई और अस्पताल से जुड़ी सेवाएं जोड़ी जाएंगी. परियोजना को पूरा करने में लगभग तीन से चार साल का समय लग सकता है, जिसके बाद पहले बैच के छात्रों को प्रवेश मिल सकेगा. वित्तीय方面, परियोजना की अनुमानित लागत लगभग दो सौ करोड़ रुपये बताई जा रही है, जिसका एक हिस्सा केंद्र की आयुष्मान भारत योजना से और शेष राज्य बजट से आएगा. भूमि पर पहले से मौजूद आधारभूत सुविधाओं जैसे सड़क, बिजली और पानी की लाइनें पहले से उपलब्ध हैं, जिससे निर्माण में देरी की संभावना कम है. इसके अलावा, संस्थान में आधुनिक ऑडिटोरियम, simulaton लैब और टेलीमेडिसिन सेंटर भी शामिल किए जाने की योजना है, ताकि विद्यार्थियों को व्यावहारिक प्रशिक्षण मिल सके. इस कदम से रोजगार के नए अवसर भी पैदा होंगे. निर्माण कार्य में स्थानीय श्रमिकों को लगेगा और जब संचालन शुरू होगा तो डॉक्टर, टेक्नीशियन और प्रशासनिक कर्मचारियों की जरूरत पड़ेगी. विशेषकर महिलाओं के लिए नर्सिंग और पैरामेडिकल प्रशिक्षण के अवसर बढ़ेंगे, जिससे आर्थिक सशक्तिकरण में मदद मिलेगी. अधिकारियों का कहना है कि इस परियोजना की निगरानी के लिए एक समिति बनाई गई है, जो समय सीमा और बजट का पालन सुनिश्चित करेगी. स्थानीय नागरिकों और प्रतिनिधियों ने इस बदलाव को स्वागत योग्य बताया है, क्योंकि वे मानते हैं कि बेहतर स्वास्थ्य शिक्षा क्षेत्र के समग्र विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी. समाचार स्रोत: Google News — Champaran (Hindi)
समाचार स्रोत: Google News — Champaran (Hindi)

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