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मोतिहारी प्रखंड में चार महीने बाद भी छात्रों को किताबें नहीं मिलीं

17/8/2026, 6:15:47 pm
मोतिहारी प्रखंड में चार महीने बाद भी छात्रों को किताबें नहीं मिलीं
मोतिहारी जिले के एक प्रखंड में सैकड़ों छात्रों को चार महीने बीत जाने के बाद भी उनकी पाठ्यपुस्तकें नहीं मिली हैं। शिक्षा विभाग ने पिछले सत्र की किताबें समय पर बांटने का वादा किया था, लेकिन वितरण प्रक्रिया अब तक पूरी नहीं हुई है। अभिभावकों का कहना है कि बिना किताबों के बच्चे कक्षा में पढ़ाई कैसे करेंगे, खासकर जब परीक्षाएं नजदीक आ रही हैं। स्थानीय अधिकारियों ने बताया कि किताबों की आपूर्ति में देरी की मुख्य वजह लॉजिस्टिक और परिवहन की समस्या है। जिला शिक्षा अधिकारी ने भरोसा दिलाया है कि अगले दो सप्ताह में सभी स्कूलों तक किताबें पहुंचा दी जाएंगी। छात्रों ने बताया कि उन्हें फिलहाल ऑनलाइन सामग्री और पुरानी किताबों से काम चलाना पड़ रहा है, लेकिन हर घर में इंटरनेट नहीं है। कई ग्रामीण इलाकों में बिजली की अनियमित आपूर्ति भी ऑनलाइन पढ़ाई में बाधा बन रही है। सामाजिक कार्यकर्ताओं ने सरकार से मांग की है कि किताब वितरण की प्रक्रिया को पारदर्शी बनाया जाए और देरी के लिए जिम्मेदार अधिकारियों पर कार्रवाई हो। इस घटना ने एक बार फिर ग्रामीण शिक्षा व्यवस्था की कमजोरियों को सामने ला दिया है, जहां संसाधनों की कमी आम बात है। प्रशासन का कहना है कि वह स्थिति पर नजर रखे हुए है और जल्द से जल्द समस्या का समाधान निकालेगा। अभिभावक और छात्र दोनों अब उम्मीद कर रहे हैं कि किताबें जल्द मिलेंगी ताकि पढ़ाई सुचारु रूप से चल सके। पिछले साल भी इसी प्रखंड में किताब वितरण में देरी हुई थी, जिसके कारण कई छात्र परीक्षा में पीछे रह गए थे। राज्य सरकार की 'मुफ्त पाठ्यपुस्तक योजना' के तहत हर छात्र को निर्धारित समय पर किताबें मिलनी चाहिए, लेकिन योजना का क्रियान्वयन जमीन पर कमजोर दिख रहा है। अधिकारियों ने बताया कि किताबों की छपाई में भी विलंब हुआ क्योंकि कागज की आपूर्ति समय पर नहीं हुई। इसके अलावा, परिवहन ठेकेदारों ने भुगतान में देरी की शिकायत की, जिससे ट्रकों की व्यवस्था प्रभावित हुई। ग्रामीण विकास मंत्रालय ने मामले की जांच के लिए एक समिति गठित करने का निर्देश दिया है। समिति की रिपोर्ट आने के बाद दोषी अधिकारियों पर अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी। समाचार स्रोत: Google News — Motihari (Hindi)
समाचार स्रोत: Google News — Motihari (Hindi)

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