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मोतिहारी जमीन विवाद: 1925 के रिकॉर्ड पर पुलिस जांच, कोर्ट में मामला लंबित

16/8/2026, 9:11:08 pm
मोतिहारी जमीन विवाद: 1925 के रिकॉर्ड पर पुलिस जांच, कोर्ट में मामला लंबित
मोतिहारी में जमीन विवाद को लेकर पुलिस ने जांच शुरू की है। विवाद की जड़ 1925 के राजस्व रिकॉर्ड में दर्ज एक प्लॉट को लेकर है। दोनों पक्ष कोर्ट में मुकदमा लड़ रहे हैं और मामला कई महीनों से लंबित है। स्थानीय थाने के अधिकारियों ने बताया कि जांच टीम गठित की गई है और सभी संबंधित दस्तावेज जुटाए जा रहे हैं। पुलिस ने घटनास्थल का मुआयना किया और सीमाओं को चिह्नित किया। एसपी ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा कि वरिष्ठ अधिकारियों की निगरानी में जांच चल रही है। उन्होंने स्पष्ट किया कि दस्तावेजों की पुष्टि के बाद ही कोई कार्रवाई होगी। पुलिस ने दोनों पक्षों के बयान दर्ज किए हैं और गवाहों से पूछताछ शुरू कर दी है। जांच में राजस्व विभाग के पुराने नक्शे और खतौनी भी शामिल हैं। जांच दल में राजस्व अधिकारी, कानून विशेषज्ञ और फोरेंसिक टीम भी शामिल हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि जमीन का मालिकाना हक कई पीढ़ियों से चला आ रहा है। कुछ परिवार दावा करते हैं कि उनके पूर्वजों ने 1925 में जमीन खरीदी थी और उसके बाद से लगातार खेती कर रहे हैं। दूसरे पक्ष का दावा है कि जमीन सरकारी है और उसका उपयोग सार्वजनिक काम के लिए होना चाहिए। इस टकराव के कारण गांव में तनाव बना हुआ है। ग्रामीणों ने बैठक बुलाकर अपनी मांगें रखीं और प्रशासन से हस्तक्षेप की मांग की। कोर्ट में मामला लंबित होने के कारण पुलिस अभी गिरफ्तारी नहीं कर रही। एसपी ने कहा कि कानून के दायरे में रहकर निष्पक्ष जांच होगी। उन्होंने लोगों से शांति बनाए रखने और अफवाहों पर ध्यान न देने की अपील की। प्रशासन ने राजस्व विभाग से पुराने नक्शे, खतौनी और भूमि अभिलेख मांगे हैं। एसपी ने मीडिया को बताया कि जांच की प्रगति की जानकारी नियमित रूप से दी जाएगी। इन दस्तावेजों की जांच के बाद स्थिति साफ होगी। तब तक दोनों पक्षों को कोर्ट के फैसले का इंतजार करना होगा। पुलिस ने आश्वासन दिया है कि किसी भी पक्ष के साथ भेदभाव नहीं किया जाएगा। जांच पूरी होने तक इलाके में अतिरिक्त बल तैनात किया गया है। अधिकारियों ने कहा कि विवाद के निपटारे तक क्षेत्र में शांति बनाए रखना प्राथमिकता है। जिला प्रशासन ने इस विवाद को गंभीरता से लिया है और उपायुक्त ने दोनों पक्षों को मध्यस्थता के लिए बुलाया है। पिछले साल भी एक समझौता बैठक हुई थी लेकिन कोई नतीजा नहीं निकला। अब नए सिरे से बातचीत की कोशिश की जा रही है। उपायुक्त ने कहा कि मध्यस्थता के लिए एक स्वतंत्र पैनल गठित किया जाएगा। पुलिस ने कहा कि जांच रिपोर्ट तैयार होने के बाद उसे कोर्ट में पेश किया जाएगा। यदि कोई गैरकानूनी कब्जा पाया जाता है तो कानूनी कार्रवाई होगी। ग्रामीणों से अपील है कि वे कानून का पालन करें और विवाद को शांतिपूर्ण ढंग से सुलझाएं। पुलिस ने आश्वासन दिया कि किसी भी पक्ष के साथ अन्याय नहीं होगा। समाचार स्रोत: Google News — Motihari (Hindi)
समाचार स्रोत: Google News — Motihari (Hindi)

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