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भारत

जंग में हथियार नहीं, इंसानी जज़्बा तय करता है जीत: नौसेना प्रमुख

5/9/2026, 8:21:12 pm
जंग में हथियार नहीं, इंसानी जज़्बा तय करता है जीत: नौसेना प्रमुख
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चेन्नई स्थित ऑफिसर्स ट्रेनिंग एकेडमी (ओटीए) में शनिवार को पासआउट परेड हुई। नौसेना प्रमुख एडमिरल दिनेश के त्रिपाठी ने 365 कैडेट्स की सलामी ली। इनमें 29 महिला कैडेट भी थीं। पासआउट होने वालों में से 313 अफसर भारतीय नौसेना में कमीशन हुए हैं। बाकी कैडेट्स अन्य सेवाओं में जाएंगे। अपने संबोधन में नौसेना प्रमुख ने कहा कि जंग का फैसला हथियारों से नहीं, इंसानी जज़्बे और संकल्प से होता है। उन्होंने युवा अफसरों को तीन मंत्र दिए — अनुशासन, कर्तव्यनिष्ठा और मानवीय मूल्यों की रक्षा। "तकनीक बदलती रहेगी, लेकिन लड़ाई का असली चेहरा इंसान ही रहता है," उन्होंने कहा। एडमिरल त्रिपाठी ने हिंद महासागर क्षेत्र की चुनौतियों का जिक्र किया। उन्होंने कहा कि नौसेना की जिम्मेदारी लगातार बढ़ रही है। नए अफसरों को तकनीकी दक्षता के साथ-साथ मानसिक मजबूती भी दिखानी होगी। पासआउट परेड में तमिलनाडु के राज्यपाल आरएन रवि और सेना के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद थे। महिला कैडेट्स की बढ़ती संख्या को नौसेना प्रमुख ने सकारात्मक बदलाव बताया। उन्होंने कहा कि विविधता से ताकत बढ़ती है। ओटीए चेन्नई से हर साल दो बार कैडेट्स पासआउट होते हैं। इस बार का बैच कई मायनों में खास रहा — महिला कैडेट्स की भागीदारी बढ़ी और प्रशिक्षण मानक भी ऊंचे रखे गए। नए कमीशन अफसर अब अपनी-अपनी तैनाती पर जाएंगे।
समाचार स्रोत: अमर उजाला — भारत

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