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नेपाल में बाढ़ का कहर: चीन से अलर्ट न मिलने पर सवाल, दोनों देशों के समन्वय पर उठे सवाल

27/8/2026, 6:29:41 am
नेपाल में बाढ़ का कहर: चीन से अलर्ट न मिलने पर सवाल, दोनों देशों के समन्वय पर उठे सवाल
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नेपाल में पिछले दिनों आई भीषण बाढ़ ने भारी तबाही मचाई है। सैकड़ों जानें गईं और हज़ारों लोग बेघर हुए। इस आपदा के बाद एक बड़ा सवाल खड़ा हुआ है: क्या चीन ने समय पर मौसम की चेतावनी नहीं दी? नेपाल और चीन के बीच मौसम संबंधी सूचनाओं के आदान-प्रदान की व्यवस्था सालों से है। इसके बावजूद नेपाल के मौसम विभाग को बाढ़ से पहले कोई ठोस अलर्ट नहीं मिला। नेपाल के जलवायु विज्ञानी और अधिकारी हैरान हैं। उनका कहना है कि चीन के तिब्बत क्षेत्र में भारी बारिश हुई, जिसका पानी नेपाल की नदियों में आया। अगर चीन ने सही समय पर डेटा साझा किया होता, तो नेपाल को तैयारी का मौका मिलता। नेपाल के मौसम विभाग के प्रवक्ता ने माना कि उन्हें चीन से कोई पूर्व सूचना नहीं मिली। वे खुद भी बाढ़ की सटीक वजह नहीं बता पा रहे। उधर, चीन ने इन आरोपों को खारिज किया है। चीनी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ने कहा कि दोनों देशों के बीच मौसम डेटा साझा करने का तंत्र सुचारु रूप से काम कर रहा है। उन्होंने दावा किया कि चीन ने नेपाल को ज़रूरी जानकारियाँ समय पर भेजी थीं। लेकिन नेपाली अधिकारी इससे सहमत नहीं दिखते। जानकारों का मानना है कि तकनीकी तंत्र तो मौजूद है, लेकिन ज़मीनी स्तर पर संवाद में कमी है। पहाड़ी इलाकों में निगरानी स्टेशन कम हैं। डेटा ट्रांसमिशन में देरी होती है। साथ ही, दोनों देशों की एजेंसियों के बीच प्रोटोकॉल स्पष्ट नहीं है। नेपाल सरकार अब इस व्यवस्था की समीक्षा कर रही है। प्रधानमंत्री कार्यालय ने संबंधित विभागों से रिपोर्ट माँगी है। उम्मीद है कि भविष्य में ऐसी चूक न हो, इसके लिए ठोस कदम उठाए जाएँगे। फिलहाल, बाढ़ पीड़ितों को राहत पहुँचाना पहली प्राथमिकता है।
समाचार स्रोत: BBC हिंदी — दुनिया

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