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नेपाल बाढ़ त्रासदी: 475 मौतें, 600 बचाए गए, क्या वक्त पर चेतावनी मुमकिन थी?

28/8/2026, 8:26:13 am
नेपाल बाढ़ त्रासदी: 475 मौतें, 600 बचाए गए, क्या वक्त पर चेतावनी मुमकिन थी?
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नेपाल में पिछले हफ्ते हुई मूसलाधार बारिश ने देश के कई हिस्सों में भीषण बाढ़ ला दी। नेपाल पुलिस के ताजा आंकड़ों के मुताबिक इस प्राकृतिक आपदा में अब तक 475 लोगों की मौत हो चुकी है। मृतकों की संख्या बढ़ने की आशंका है क्योंकि कई इलाकों में तलाशी अभियान अब भी जारी है। प्रधानमंत्री बालेन शाह ने सोमवार को बताया कि बचाव दलों ने अब तक करीब 600 लोगों को बाढ़ग्रस्त इलाकों से सुरक्षित बाहर निकाला है। सेना, सशस्त्र पुलिस बल और स्थानीय स्वयंसेवक मिलकर राहत कार्य चला रहे हैं। हेलीकॉप्टरों की मदद से दूरदराज के गांवों में फंसे लोगों तक खाना, पानी और दवाएं पहुंचाई जा रही हैं। काठमांडू घाटी समेत तराई के कई जिले बुरी तरह प्रभावित हुए हैं। बागमती, विष्णुमती और दूसरी नदियां खतरे के निशान से ऊपर बह रही हैं। हजारों घर डूब गए हैं और सैकड़ों परिवार अस्थायी शिविरों में शरण लिए हुए हैं। बिजली-पानी की सप्लाई ठप है और संक्रामक बीमारियों का खतरा मंडरा रहा है। मौसम विभाग ने बारिश का अलर्ट जारी किया था, लेकिन जानकार मानते हैं कि चेतावनी तंत्र में खामियां थीं। स्थानीय स्तर पर सूचना पहुंचाने का ढांचा कमजोर है। कई गांवों तक चेतावनी तब पहुंची जब पानी घरों में घुस चुका था। नेपाल की भौगोलिक बनावट — पहाड़ी ढलानें और संकरी घाटियां — अचानक बाढ़ को और खतरनाक बना देती है। सरकार ने मृतकों के परिजनों को मुआवजे का ऐलान किया है। अंतरराष्ट्रीय एजेंसियां भी मदद के लिए आगे आई हैं। लेकिन बड़ा सवाल बना हुआ है: क्या बेहतर पूर्वानुमान और जमीनी स्तर पर तेज संचार से जानें बचाई जा सकती थीं? समाचार स्रोत: BBC हिंदी — दुनिया
समाचार स्रोत: BBC हिंदी — दुनिया

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