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नेपाल की बाढ़ से बिहार पहुंचीं खतरनाक मछलियां, सरकार ने जारी की चेतावनी

1/9/2026, 11:00:03 pm
नेपाल की बाढ़ से बिहार पहुंचीं खतरनाक मछलियां, सरकार ने जारी की चेतावनी
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नेपाल के तराई इलाकों में पिछले हफ्ते हुई मूसलाधार बारिश से कोसी, गंडक और बागमती नदियां उफान पर हैं। बाढ़ का पानी जब बिहार के सीमावर्ती जिलों में घुसा, तो अपने साथ कई ऐसी मछलियों की प्रजातियां ले आया जो यहां के पारिस्थितिकी तंत्र के लिए नई हैं और इंसानों के लिए खतरनाक साबित हो सकती हैं। मत्स्य विभाग के अधिकारियों के मुताबिक, इनमें 'रेड-बेलिड पिरान्हा', 'अफ्रीकन शार्पटूथ कैटफिश' और 'इलेक्ट्रिक ईल' जैसी प्रजातियां शामिल हैं। ये मछलियां नेपाल की नदियों और तालाबों में पाई जाती हैं, लेकिन बिहार की नदियों में इनका प्राकृतिक आवास नहीं है। बाढ़ के तेज बहाव में ये सीमा पार कर अररिया, किशनगंज, पूर्णिया और सुपौल जिलों की नदियों तक पहुंच गई हैं। पटना में मत्स्य निदेशालय ने शनिवार को एक एडवाइजरी जारी कर मछुआरों से अपील की है कि वे अनजान मछलियों को न पकड़ें और न ही उन्हें बाजार में बेचें। विभाग के निदेशक ने कहा, "ये मछलियां आक्रामक स्वभाव की हैं और स्थानीय मछलियों की आबादी को नुकसान पहुंचा सकती हैं। इंसानों पर हमले के मामले भी सामने आए हैं।" स्थानीय प्रशासन ने नदी किनारे बसे गांवों में मुनादी करवाई है। ग्रामीणों को सलाह दी गई है कि वे नदी में नहाने या कपड़े धोने से बचें, खासकर बच्चों को पानी के पास न जाने दें। मछुआरा समुदाय के नेताओं ने सरकार से मुआवजे की मांग की है, क्योंकि चेतावनी के चलते उनका रोजगार प्रभावित हो रहा है। वन एवं पर्यावरण विभाग की एक टीम प्रभावित इलाकों में सर्वे कर रही है। विशेषज्ञों का कहना है कि ये विदेशी प्रजातियां अगर स्थायी रूप से बस गईं, तो जैव विविधता पर गंभीर असर पड़ेगा। समाचार स्रोत: अमर उजाला — विश्व
समाचार स्रोत: अमर उजाला — विश्व

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