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नेपाल से लौटे युवक का दर्द: 'हर तरफ लाशें बह रहीं थीं, किसी तरह बची जान'

29/8/2026, 11:30:00 pm
नेपाल से लौटे युवक का दर्द: 'हर तरफ लाशें बह रहीं थीं, किसी तरह बची जान'
बेतिया के रहने वाले राकेश कुमार नेपाल के एक गांव में मजदूरी करते थे। पिछले हफ्ते जब पहाड़ों पर भारी बारिश शुरू हुई, तो नदियों का जलस्तर अचानक बढ़ गया। राकेश ने बताया, "रानी के पापा, बहुत तेज पानी आवता... हम लोग कुछ समझ पाते, उससे पहले ही घर तक पानी पहुंच गया।" वह किसी तरह ऊंची जगह पर चढ़कर जान बचा पाए। नेपाल के तराई इलाके में गंडक और बूढ़ी गंडक नदियों ने तटबंध तोड़ दिए। इससे सीमावर्ती बिहार के पश्चिम चंपारण जिले के दर्जनों गांव डूब गए। राकेश के मुताबिक, "हर जगह लाशें बह रह थी, जानवर भी पानी में बह गए। कोई बचाने वाला नहीं था।" वह तीन दिन तक छत पर भूखे-प्यासे रहे, फिर एनडीआरएफ की नाव से निकाले गए। बेतिया लौटने पर राकेश ने स्थानीय प्रशासन को आपबीती सुनाई। जिलाधिकारी ने बताया कि बाढ़ प्रभावित इलाकों में राहत शिविर लगाए गए हैं। एसडीआरएफ और एनडीआरएफ की टीमें लगातार बचाव अभियान चला रही हैं। अब तक 12 हजार से ज्यादा लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया है। किसानों की फसलें पूरी तरह बर्बाद हो चुकी हैं। धान और गन्ने की खेत पानी में डूबे हैं। ग्रामीणों का कहना है कि सरकारी मदद अब तक नहीं पहुंची। प्रशासन ने दावा किया है कि राशन, पानी और दवाइयों की व्यवस्था की जा रही है। मौसम विभाग ने अगले 48 घंटे में और बारिश की चेतावनी दी है, जिससे हालात और बिगड़ सकते हैं। समाचार स्रोत: Google News — Motihari (Hindi)
समाचार स्रोत: Google News — Motihari (Hindi)

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