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नेपाल त्रासदी: हाथों में अपनों की तस्वीर, आंखों में उम्मीद

27/8/2026, 5:34:08 am
नेपाल त्रासदी: हाथों में अपनों की तस्वीर, आंखों में उम्मीद
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नेपाल में पिछले कुछ दिनों से लगातार भारी बारिश जारी है, जिससे कई नदियों का जलस्तर खतरनाक स्तर पर पहुंच गया। काठमांडू घाटी, पोखरा और तराई के निचले इलाकों में बाढ़ ने घरों को ध्वस्त कर दिया और सड़कें टूट गई हैं। सैकड़ों परिवार अपने घरों से बेघर हो गए और कई लोग अब भी लापता हैं। प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि पानी इतनी तेज़ी से बढ़ा कि भागने का समय ही नहीं मिला। एक बुजुर्ग महिला ने कहा, "मैंने अपने बेटे की तस्वीर हाथ में रखी है, शायद वह कहीं मिल जाए।" एक युवा व्यक्ति ने बताया कि वह रात भर छत पर बैठा रहा, उम्मीद करते रहा कि सुबह मदद आएगी। कई लोग अपने जेब में अपनों की फोटो रखे हुए हैं, जिससे उनका मनोबल बना रहे है। बचाव दल हेलीकॉप्टर और नाव से पहुंचे हैं, लेकिन कई गांव अब भी मुख्य सड़क से कटे हुए हैं। सेना और एनडीआरएफ़ की टीमें राहत सामग्री — खाना, पीने का पानी, दवाएँ — वितरित कर रही हैं, परंतु क्षतिग्रस्त पुल और सड़कों के कारण आपूर्ति में देरी हो रही है। स्थानीय प्रशासन ने लापता लोगों की सूची जारी की है और परिवारों से अपील की है कि वे अपनी जानकारी साझा करें। सोशल मीडिया पर तस्वीरें और वीडियो वायरल हो रहे हैं, जिससे खोज अभियान को मदद मिल रही है। कई स्वयंसेवी संगठन भी राहत शिविर लगा रहे हैं और मनोवैज्ञानिक सहायता प्रदान कर रहे हैं। मौसम विभाग ने अगले दो दिनों में और बारिश की चेतावनी दी है, जिससे स्थिति और बिगड़ सकती है। विशेषज्ञों का मानना है कि जलवायु परिवर्तन के कारण इस तरह की घटनाओं की आवृत्ति बढ़ रही है और दीर्घकालिक बाढ़ प्रबंधन योजना बनाना आवश्यक हो गया है। सरकार ने आपातकाल घोषित किया है और राष्ट्रीय तथा अंतर्राष्ट्रीय एजेंसियों से सहयोग मांगा है। उम्मीद है कि जल्द ही बचाव कार्य तेज़ होगे और लापता लोगों का सुराग मिलेगा। समाचार स्रोत: अमर उजाला — विश्व
समाचार स्रोत: अमर उजाला — विश्व

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