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नेपाल बाढ़: हरे घर की मालकिन ने बताई जीवित रहने की सच्ची कहानी

1/9/2026, 7:39:09 pm
नेपाल बाढ़: हरे घर की मालकिन ने बताई जीवित रहने की सच्ची कहानी
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नेपाल में इस साल की भयंकर बाढ़ ने कई गांवों को जलमग्न कर दिया। लेकिन एक ऐसा हरा रंग का मकान, जो करीब चालीस साल पुराना है, पानी में डूबने के बजाय लगभग सुरक्षित खड़ा रहा। सोशल मीडिया पर इस मकान की तस्वीरें और वीडियो वायरल हो गए, जिसमें लोग हैरान रह गए कि बाढ़ के पानी में भी यह मकान कैसे नहीं गिरा। अब इस मकान की मालकिन, सुशिला देवी, ने खुद सामने आकर पूरा सच बताया। उन्होंने कहा कि बाढ़ आने से पहले उन्होंने घर की नींव को मजबूत करने के लिए विशेष उपाय किए थे। दीवारों में बांस और लकड़ी के साथ सीमेंट का मिश्रण उपयोग किया गया, जिससे संरचना लचीली रही। इसके अलावा, छत को थोड़ा ऊँचा करके और जल निकासी के लिए छोटे नालों का प्रबंध किया गया। जब बाढ़ का पानी तेजी से बढ़ा, तो पानी घर के चारों ओर बह गया लेकिन भीतर का स्तर लगभग समान रहा। सुशिला देवी ने बताया कि उन्होंने परिवार के साथ ऊपरी मंजिल पर शरण ली और आवश्यक सामग्री जैसे खाना, पीने का पानी और दवाइयाँ पहले ही रख ली थीं। बाढ़ के बाद जब पानी घटा, तो घर थोड़ा गीला जरूर था लेकिन कोई बड़ा नुकसान नहीं हुआ। पड़ोसियों और बचाव दलों ने उनकी हिम्मत की प्रशंसा की और कहा कि ऐसा निर्माण भविष्य में भी प्रेरणा दे सकता है। सुशिला ने सोशल मीडिया पर आए संदेशों का जवाब देते हुए कहा कि उनका उद्देश्य सिर्फ अपने घर की सुरक्षा दिखाना नहीं, बल्कि दूसरों को भी सावधान रहने और उचित निर्माण अपनाने का संदेश देना है। अब वे स्थानीय अधिकारियों के साथ मिलकर बाढ़ से प्रभावित अन्य घरों की जांच कर रही हैं और सुधार के उपाय सुझा रही हैं। उनका कहना है कि सरल उपाय और स्थानीय सामग्री का सही उपयोग करके बड़ी आपदाओं से निपटा जा सकता है। स्थानीय प्रशासन ने उनके प्रयासों को सराहा है और कहा कि इस घटना से सीख लेकर ग्रामीण क्षेत्रों में बाढ़ प्रतिरोधी आवास योजना बनाई जाएगी। उन्होंने बताया कि अगले महीने से एक कार्यशाला शुरू होगी wherein स्थानीय कारीगरों को बाढ़ प्रतिरोधी तकनीक सिखाई जाएगी। सुशिला देवी ने इस कार्यशाला में भाग लेने की इच्छा जताई और कहा कि वे अपना अनुभव साझा करके दूसरों को मदद करना चाहती हैं। उन्होंने यह भी बताया कि बाढ़ के दौरान उनके पड़ोसियों ने मिलकर खाना‑पानी का इंतजाम किया और किसी को भी अकेला नहीं छोड़ा। इस एकजुटता ने कठिन समय में मनोबल बनाए रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। अब वे आशा करती हैं कि उनके घर की कहानी दूसरों को प्रेरित करेगी और बाढ़ जैसे प्राकृतिक आपदाओं के प्रति तैयार रहने की संस्कृति मजबूत होगी। समाचार स्रोत: अमर उजाला — भारत
समाचार स्रोत: अमर उजाला — भारत

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