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नेपाल के त्रिशूली घाटी में भूस्खलन, प्रिंसिपल राजेंद्र दवाड़ी ने बचाई 1600 छात्रों की जान

31/8/2026, 4:16:16 am
नेपाल के त्रिशूली घाटी में भूस्खलन, प्रिंसिपल राजेंद्र दवाड़ी ने बचाई 1600 छात्रों की जान
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त्रिशूली घाटी में स्थित त्रिभुवन त्रिशूली सेकेंडरी स्कूल में बुधवार सुबह अचानक भूस्खलन हुआ। स्कूल में कुल लगभग 1,600 छात्र पंजीकृत हैं और उस दिन लगभग 900 बच्चे कक्षाओं में पहुंच चुके थे। शुरू में वातावरण सामान्य दिख रहा था, लेकिन कुछ ही मिनटों में पहाड़ी से मलबा नीचे गिरना शुरू हो गया। प्रिंसिपल राजेंद्र दवाड़ी ने तुरंत स्थिति का जायजा लिया और स्कूल के प्रयोगशाला bells को बजाकर चेतावनी दी। उन्होंने शिक्षकों को तुरंत बच्चों को इकट्ठा करने और शांत रखने का निर्देश दिया, ताकि घबराहट न फैल सके। स्थानीय किसान और ग्रामीणों ने भी मदद के लिए आगे आना शुरू कर दिया। दवाड़ी ने खुद आगे बढ़कर सबसे छोटे बच्चों को गोद में उठाया और उन्हें स्कूल के पीछे स्थित ऊंचे मैदान तक ले गए। इस बीच, वरिष्ठ शिक्षकों ने बड़े बच्चों को पंक्ति में लगाकर धीरे-धीरे पहाड़ी की ओर बढ़ने का संकेत दिया। सभी को एक साथ रखने से कोई भी बच्चा भीड़ में खो नहीं गया। भूस्खलन की गति बहुत तेज थी, लेकिन प्रिंसिपल की त्वरित सोच और टीम वर्क ने हर बच्चे को सुरक्षित स्थान पर पहुंचा दिया। बचाव के दौरान कोई भी छात्र घायल नहीं हुआ। घटना के बाद जिला प्रशासन ने स्कूल भवन की संरचनात्मक जाँच शुरू की और अस्थायी राहत शिविर लगाकर משפchromों को भोजन और पानी उपलब्ध कराया। अभिभावकों ने प्रिंसिपल और शिक्षकों की बहादुरी की सराहना की। राजेंद्र दवाड़ी ने कहा, “बच्चों की सुरक्षा हमारी पहली प्राथमिकता है, और हम आगे भी ऐसी आपात स्थितियों के लिए तैयार रहेंगे।” उन्होंने भविष्य में समान जोखिम को कम करने के लिए स्कूल में नियमित सुरक्षा ड्रिल, पहाड़ी स्थिरीकरण कार्य और आपातकालीन प्रशिक्षण पर जोर देने की बात कही। समाचार स्रोत: अमर उजाला — विश्व
समाचार स्रोत: अमर उजाला — विश्व

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