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नेपाल में बाढ़ के बाद गैस संकट, काठमांडू में छात्रों का प्रदर्शन

10/9/2026, 4:59:58 am
नेपाल में बाढ़ के बाद गैस संकट, काठमांडू में छात्रों का प्रदर्शन
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नेपाल में बाढ़ की विभीषिका से उबरे लोगों के सामने अब नई मुसीबत खड़ी हो गई है। देशभर में रसोई गैस (एलपीजी) का संकट गहरा गया है। काठमांडू घाटी में हालात सबसे खराब हैं। सिलेंडर नहीं मिलने से आम जनता परेशान है। इस संकट के विरोध में सोमवार को सैकड़ों छात्र काठमांडू की सड़कों पर उतर आए। उन्होंने लकड़ी के चूल्हे पर खाना पकाकर अनोखा प्रदर्शन किया। छात्रों के हाथों में तख्तियां थीं जिन पर लिखा था — "गैस दो, वरना कुर्सी छोड़ो।" प्रदर्शनकारी मेयर बालेन शाह की सरकार पर नाकामी का आरोप लगा रहे थे। नेपाल आयल कॉर्पोरेशन के मुताबिक भारत से आपूर्ति बाधित होने से यह संकट पैदा हुआ। बाढ़ से सड़कें टूट गई हैं, जिससे टैंकर नहीं आ पा रहे। कॉर्पोरेशन के प्रवक्ता ने कहा कि अगले कुछ दिनों में आपूर्ति सामान्य होने की उम्मीद है। लेकिन जनता का सब्र टूट रहा है। काठमांडू के एक निवासी ने बताया, "सुबह से लाइन में लगे हैं, शाम तक नंबर नहीं आता। बच्चों को क्या खिलाएं?" होटल और ढाबे वालों का कारोबार ठप हो गया है। मेयर बालेन शाह ने ट्वीट कर कहा कि वे केंद्र सरकार से लगातार बात कर रहे हैं। उन्होंने लोगों से संयम रखने की अपील की। लेकिन विपक्षी दल इसे प्रशासनिक विफलता बता रहे हैं। नेपाल में एलपीजी की 90 फीसदी खपत भारत से आयात के जरिए पूरी होती है। बाढ़ ने इस सप्लाई चेन को तोड़ दिया है। विशेषज्ञ कहते हैं कि नेपाल को ऊर्जा सुरक्षा के लिए दीर्घकालिक योजना बनानी होगी। फिलहाल छात्रों का प्रदर्शन जारी है। वे कहते हैं — जब तक गैस नहीं मिलती, हम लकड़ी पर ही खाना पकाएंगे। समाचार स्रोत: अमर उजाला — विश्व
समाचार स्रोत: अमर उजाला — विश्व

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