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भारत

नेपाल में भीषण बाढ़: हजारों भारतीय नागरिक फंसे, राहत कार्य जारी

27/8/2026, 6:39:37 am
नेपाल में भीषण बाढ़: हजारों भारतीय नागरिक फंसे, राहत कार्य जारी
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नेपाल के मध्य और पूर्वी भागों में पिछले 60 घंटों से मूसलाधार बारिश जारी है। इस अवधि में कोशी, गंडक और कर्णाली नदियों के जलस्तर में पाँच मीटर तक की वृद्धि दर्ज की गई है। नदियों के तटबंध टूट गए हैं और कई निचले इलाकों में पानी घरों के भीतर घुस गया है। सड़कें पानी में डूब गई हैं और प्रमुख पुलों जैसे धादिंग ब्रिज और सगर्खी सस्पेंशन पुल को गंभीर क्षति पहुँची है। इस कारण यातायात पूरी तरह ठप्प पड़ गया है और आवागमन के सभी साधन बंद हो गए हैं। इस बाढ़ की चपेट में आए इलाकों में धादिंग, सगर्खी, नुवाकोट, रasuwa और dolakha जिले शामिल हैं। इन जिलों में लगभग आठ हजार लोग फंसे हुए हैं, जिसमें करीब दो हजार भारतीय नागरिक भी हैं। ये भारतीय ज्यादातर बिहार, उत्तर प्रदेश और पश्चिम बंगाल से आए मजदूर, छोटे व्यापारी और छात्र हैं, जो नेपाल में निर्माण स्थलों, चाय बागानों या पर्यटन स्थलों पर काम कर रहे थे। कई लोगों ने अपने सामान और दवाइयाँ भी साथ ले रखी थीं, जो अब पानी में डूब चुकी हैं। बचाव कार्य में भारतीय दूतावास ने नेपाल सरकार के साथ तत्काल समन्वय स्थापित किया है। सीमा पर तैनात भारतीय वायु सेना के हेलीकॉप्टर और नेपाल की नावों का संयुक्त उपयोग करते हुए फंसे लोगों को निकाला जा रहा है। एनडीआरएफ की टीमें भी ग्राउंड पर पहुँच चुकी हैं और टेंट, खाने के पैकेट और प्राथमिक चिकित्सा किट वितरित कर रही हैं। स्थानीय स्वयंसेवी समूहों ने भी अपने संसाधनों से राहत केंद्र बनाना शुरू कर दिया है। अस्थायी राहत शिविरों में धादिंग बाजार और नुवाकोट स्कूल के परिसर में व्यवस्था की गई है। इन शिविरों में प्रति व्यक्ति दिन में दो बार भोजन, शुद्ध पीने का पानी और básica चिकित्सा सुविधा प्रदान की जा रही है। बच्चों के लिए अस्थायी पढ़ाई की व्यवस्था भी की गई है, ताकि उनकी शिक्षा बाधित न हो। कई एनजीओ जैसे रेड क्रॉस, goonj और savethechildren ने कपड़े, डायपर और आवश्यक दवाइयों के पैकेट भेजे हैं। भारत के विदेश मंत्रालय ने नेपाल के विदेश मंत्रालय के साथ लगातार बातचीत कर रहा है और दोनों देशों के बीच एक संयुक्त टास्क फोर्स बनाया गया है। इस टास्क फोर्स का नेतृत्व नेपाल के गृह मंत्रालय और भारत के गृह मंत्रालय के संयुक्त प्रतिनिधि कर रहे हैं। उन्होंने स्पष्ट किया है कि फंसे हुए हर नागरिक को सुरक्षित निकालने तक अभियान जारी रहेगा और आवश्यकतानुसार अतिरिक्त संसाधन भेजे जाएंगे। मौसम विभाग ने चेतावनी दी है कि अगतीस घंटे तक मध्यम से भारी बारिश जारी रह सकती है, लेकिन बादलों की घनत्व कम होने की उम्मीद है। नदियों का जल स्तर अभी भी खतरे के निशान से ऊपर है इसलिए निचले बस्तियों में रहने वाले लोगों को तुरंत ऊँची जगह पर जाने की सलाह दी गई है। अधिकारियों ने नदी किनारे बसे गाँवों में निगरानी बढ़ा दी है और आवश्यकतानुसार evacuation की तैयारी भी की जा रही है। समाचार स्रोत: अमर उजाला — भारत
समाचार स्रोत: अमर उजाला — भारत

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