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नेपाल में भूस्खलन से नदियाँ रुकीं, बाढ़ का लाल अलर्ट जारी

10/9/2026, 5:07:05 am
नेपाल में भूस्खलन से नदियाँ रुकीं, बाढ़ का लाल अलर्ट जारी
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नेपाल में पिछले दो हफ्तों से लगातार भूस्खलन हो रहे हैं और कई बड़ी नदियों का बहाव रुक गया है। पहाड़ी इलाकों में भारी मलबा गिरने से कोसी, कर्णाली और महाकाली नदियों के किनारे बसे गांवों में पानी का स्तर तेजी से बढ़ रहा है। मौसम विभाग ने अगले 48 घंटे में भारी बारिश की चेतावनी दी है, जिससे स्थिति और बिगड़ सकती है। प्रशासन ने प्रभावित जिलों — संख्यावती, दोलखा, सिंधुपालचौक और रौतहट — में लाल अलर्ट जारी किया है और निचले इलाकों के निवासियों को तुरंत सुरक्षित स्थानों पर जाने की सलाह दी है। एनडीआरएफ और सेना की टुकड़ियाँ नावों, रस्सियों और चिकित्सा किट के साथ तैनात हैं ताकि जरूरत पड़ने पर त्वरित बचाव किया जा सके। नेपाल सरकार ने अंतरराष्ट्रीय एजेंसियों से राहत सामग्री और तकनीकी सहायता की अपील की है। विशेषज्ञों का मानना है कि जलवायु परिवर्तन, अनियोजित सड़क निर्माण और वन कटाई इस खतरे को बढ़ा रहे हैं। पिछले साल इसी तरह की घटना में 12 गांव डूब गए थे और लगभग 3,000 लोग बेघर हुए थे। अब तक 30 से अधिक बड़े भूस्खलन दर्ज किए गए हैं, जिनमें कई सड़कें और पुल क्षतिग्रस्त हुए हैं। अब तक किसी की मौत की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है, लेकिन कई लोग लापता बताए जा रहे हैं। भारत, चीन और संयुक्त राष्ट्र की एजेंसियों ने तत्काल सहायता पैकेज की घोषणा की है। इस बार भी अधिकारियों ने बाढ़ पूर्वानुमान मॉडल को अपडेट किया है और नदियों के जलस्तर की लगातार निगरानी कर रहे हैं। सरकार ने भविष्य में ऐसे संकट से बचने के लिए नदी किनारे बस्तियों के पुनर्वास और वनरोपण कार्यक्रम शुरू करने की योजना बनाई है। नागरिकों से अपील है कि वे केवल आधिकारिक सूत्रों से जानकारी लें और अफवाहों पर ध्यान न दें। सरकार ने आपातकालीन राहत कोष को सक्रिय कर दिया है और प्रभावित परिवारों के लिए अस्थायी शिविर तैयार किए हैं। समाचार स्रोत: अमर उजाला — विश्व
समाचार स्रोत: अमर उजाला — विश्व

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