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नेपाल में सनातन धर्म को राष्ट्रीय पहचान बनाने की मांग, देउबा के बयान से सियासत गरमाई

17/8/2026, 11:05:27 pm
नेपाल में सनातन धर्म को राष्ट्रीय पहचान बनाने की मांग, देउबा के बयान से सियासत गरमाई
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नेपाल की राजधानी काठमांडू में पूर्व प्रधानमंत्री शेर बहादुर देउबा ने एक सार्वजनिक कार्यक्रम में कहा कि सनातन धर्म को देश की राष्ट्रीय पहचान घोषित किया जाए। उन्होंने संविधान में धर्मनिरपेक्षता के प्रावधान का जिक्र करते हुए बहुसंख्यक हिंदू जनमानस की भावनाओं का सम्मान करने की बात कही। इस बयान के तुरंत बाद सत्तारूढ़ नेपाली कांग्रेस, माओवादी केंद्र और अन्य दलों ने तीखी प्रतिक्रिया दी। नेपाली कांग्रेस के प्रवक्ता ने कहा कि देउबा का प्रस्ताव संविधान की मूल भावना के विरुद्ध है और देश को सांप्रदायिक तनाव में धकेल सकता है। माओवादी केंद्र के नेता ने दावा किया कि यह बयान चुनावी लाभ के लिए धार्मिक कार्ड खेलने की कोशिश है। विपक्षी दलों ने संसद में इस मुद्दे पर चर्चा की मांग की और कहा कि किसी भी धर्म को राष्ट्रीय पहचान बनाना अल्पसंख्यकों के अधिकारों का उल्लंघन होगा। विश्लेषकों का मानना है कि देउबा की मांग 2027 के आम चुनाव से पहले हिंदू वोट बैंक को मजबूत करने की रणनीति हो सकती है। नेपाल का संविधान 2015 में धर्मनिरपेक्ष राष्ट्र घोषित किया गया था, लेकिन हिंदू संगठन लंबे समय से हिंदू राष्ट्र की मांग करते रहे हैं। हाल के वर्षों में कई धार्मिक आयोजनों और मंदिर निर्माण अभियानों ने इस मांग को फिर से हवा दी है। फिलहाल सरकार ने कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं दी है, लेकिन संसद के अगले सत्र में इस पर विधेयक लाए जाने की संभावना जताई जा रही है। नागरिक समाज के कई संगठनों ने चेतावनी दी कि धर्म को राजनीति का औजार बनाने से सामाजिक सौहार्द बिगड़ सकता है। अगले कुछ हफ्तों में इस मुद्दे पर संसदीय बहस और जनमत संग्रह की संभावना बढ़ गई है। समाचार स्रोत: अमर उजाला — विश्व
समाचार स्रोत: अमर उजाला — विश्व

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