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नेपाल मांगेगा चीन से हर 10 मिनट में ग्लेशियर अलर्ट, तीन महीने से डाटा बंद

1/9/2026, 3:36:22 am
नेपाल मांगेगा चीन से हर 10 मिनट में ग्लेशियर अलर्ट, तीन महीने से डाटा बंद
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नेपाल अब चीन से भी भारत की तर्ज पर हर दस मिनट में ग्लेशियर झीलों की चेतावनी मांगेगा। काठमांडू ने बीजिंग को प्रस्ताव भेजा है कि वह तिब्बत क्षेत्र में स्थित ग्लेशियर झीलों के जलस्तर और मौसम की जानकारी लगातार साझा करे। अभी तक चीन ने तीन महीने से ग्लेशियर का कोई डाटा नहीं दिया है। इससे नेपाल के पहाड़ी जिलों में बाढ़ का खतरा बढ़ गया है। पिछले साल थामे और थुलागी झीलों में आई जलप्रलय ने दर्जनों गांव बहा दिए थे। तब चीन से समय पर सूचना न मिलने की बात सामने आई थी। नेपाल के ऊर्जा और जल संसाधन मंत्रालय के अधिकारियों ने बताया कि भारत से पहले से ही हर दस मिनट में अलर्ट मिलता है। यही व्यवस्था चीन से भी चाहते हैं। नेपाल के जल विज्ञान विभाग के महानिदेशक डॉ. रामचंद्र पोखरेल ने कहा, "तिब्बत में 21 खतरनाक ग्लेशियर झीलें हैं। इनका पानी नेपाल की नदियों में आता है। चीन से डाटा न मिलने से हम अंधेरे में हैं।" उन्होंने बताया कि राजनयिक स्तर पर बातचीत चल रही है। चीन ने तकनीकी टीम भेजने का आश्वासन दिया है। विशेषज्ञों का कहना है कि जलवायु परिवर्तन से ग्लेशियर तेजी से पिघल रहे हैं। हिमालयी क्षेत्र में तापमान वैश्विक औसत से दोगुना बढ़ा है। इससे झीलों का आकार बढ़ रहा है। कभी भी फट सकती हैं। नेपाल ने अपनी 47 झीलों को संवेदनशील घोषित किया है। इनमें 21 तिब्बत में हैं। भारत-नेपाल सीमा पर कोसी, गंडकी और कर्णाली नदियों पर पहले से अर्ली वार्निंग सिस्टम लगा है। अब चीन सीमा पर भी यही व्यवस्था बनाने की कोशिश है। नेपाल के प्रधानमंत्री केपी शर्मा ओली ने पिछले महीने बीजिंग यात्रा में इस मुद्दे को उठाया था। चीन ने सहयोग का वादा किया है, लेकिन लिखित समझौता अभी नहीं हुआ। स्थानीय लोगों का कहना है कि उन्हें अपने भरोसे रहना पड़ता है। थामे गांव के शेरपा तेनजिंग ने कहा, "पिछली बार रात को अचानक पानी आया। कोई चेतावनी नहीं मिली। हम भागे तब जान बची।" सरकार अब हर गांव में सायरन लगाने की योजना बना रही है। मोबाइल अलर्ट सिस्टम भी शुरू होगा। नेपाल के लिए यह जीवन-मरण का सवाल है। हर साल मानसून में ग्लेशियर झीलों के फटने का डर रहता है। चीन से डाटा मिलने लगे तो लाखों लोगों को बचाया जा सकता है। फिलहाल इंतजार जारी है। समाचार स्रोत: अमर उजाला — विश्व
समाचार स्रोत: अमर उजाला — विश्व

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