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नेपाल में थुलागी ग्लेशियल झील फटने का खतरा, लाखों पर असर

2/9/2026, 11:30:04 am
नेपाल में थुलागी ग्लेशियल झील फटने का खतरा, लाखों पर असर
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नेपाल के सिंधुपालचौक जिले में 26 अगस्त को भारी बारिश और भूस्खलन के बाद एक नई ग्लेशियल झील बन गई है। इस झील का नाम थुलागी लेक है और यह हिमालय की ऊंची चोटियों के नीचे स्थित है। वैज्ञानिकों के मुताबिक झील का पानी तेजी से बढ़ रहा है और इसके किनारे कमजोर हैं। अगर झील फटी तो नीचे के गांवों और सड़क मार्गों पर अचानक बाढ़ आ सकती है। नेपाल सरकार ने खतरे को देखते हुए आसपास के इलाकों में अलर्ट जारी किया है। आपदा प्रबंधन विभाग ने स्थानीय प्रशासन को निगरानी बढ़ाने और लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने के निर्देश दिए हैं। अंतरराष्ट्रीय विशेषज्ञ भी स्थिति का आकलन करने के लिए नेपाल पहुंच रहे हैं। ग्लेशियल लेक आउटबर्स्ट फ्लड (GLOF) की घटनाएं हिमालयी क्षेत्र में पहले भी हुई हैं। 1985 में भोटेकोशी नदी में ऐसी ही बाढ़ ने कई गांवों को तबाह कर दिया था। थुलागी झील का आकार अभी छोटा है, लेकिन पानी का दबाव लगातार बढ़ रहा है। विशेषज्ञों का कहना है कि झील के किनारे को मजबूत करने के लिए कंक्रीट की दीवारें या प्राकृतिक बांध बनाए जा सकते हैं। स्थानीय निवासी डरे हुए हैं। कई परिवारों ने पहले ही अपने मवेशियों और जरूरी सामान को ऊंचे स्थानों पर ले जाना शुरू कर दिया है। स्कूल और स्वास्थ्य केंद्र भी अस्थायी रूप से बंद कर दिए गए हैं। प्रशासन ने हेलीकॉप्टर से राहत सामग्री पहुंचाने की योजना बनाई है। जलवायु परिवर्तन के कारण हिमनद तेजी से पिघल रहे हैं, जिससे ऐसी झीलों की संख्या बढ़ रही है। नेपाल के अलावा भूटान, भारत और पाकिस्तान के पहाड़ी इलाकों में भी इसी तरह का खतरा बना हुआ है। वैज्ञानिक समुदाय लगातार सैटेलाइट इमेजरी और ड्रोन सर्वेक्षण से झीलों की निगरानी कर रहा है। समाचार स्रोत: BBC हिंदी — दुनिया
समाचार स्रोत: BBC हिंदी — दुनिया

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