लाइव
टाइम्स न्यूज़ नाउ में आपका स्वागत है — सिर्फ सच।ऑटो-पब्लिशिंग इंजन तैयार है। एडमिन → ऑटोमैटिक से कॉन्फ़िगर करें।टाइम्स न्यूज़ नाउ में आपका स्वागत है — सिर्फ सच।ऑटो-पब्लिशिंग इंजन तैयार है। एडमिन → ऑटोमैटिक से कॉन्फ़िगर करें।
विश्व

नेतन्याहू का 24 घंटे का यूएन दौरा: गाजा संकट के बीच न्यूयॉर्क क्यों?

9/9/2026, 2:09:33 am
नेतन्याहू का 24 घंटे का यूएन दौरा: गाजा संकट के बीच न्यूयॉर्क क्यों?
Original publisher image
इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने 24 घंटे की संयुक्त राष्ट्र यात्रा के लिए न्यूयॉर्क का रुख किया। उनकी यात्रा का मकसद गाजा में जारी संघर्ष पर विश्व समुदाय का ध्यान खींचना और शांति पहल को मजबूत करना बताया गया है। इस दौरान उन्होंने संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंतोनियो गुटेरेस से मुलाकात की और सुरक्षा परिषद के कुछ सदस्यों के साथ बंद कमरे में बातचीत की। पृष्ठभूमि में गाजा पर इजरायली सैन्य कार्रवाई से पैदा मानवीय संकट और फिलिस्तीनी पक्ष के समर्थन की बढ़ती आवाज़ है। कई मानवाधिकार संगठनों और कुछ देशों ने इजरायल की कार्रवाई को युद्ध अपराध बताते हुए नेतन्याहू की गिरफ्तारी की मांग की है। सबसे मुखर आवाज़ संयुक्त राष्ट्र के मानवाधिकार विशेषज्ञ ममदानी की रही, जिन्होंने अंतरराष्ट्रीय अपराध न्यायालय से नेतन्याहू के खिलाफ कार्रवाई शुरू करने का आह्वान किया। नेतन्याहू ने अपनी यात्रा में दोहराया कि इजरायल की कार्रवाई आत्मरक्षा है और हमास के खिलाफ आवश्यक कदम उठाए जा रहे हैं। उन्होंने अंतरराष्ट्रीय समुदाय से हमास को आतंकवादी संगठन मानने और उसके विरुद्ध एकजुट कार्रवाई की अपील की। यात्रा के अंत में उन्होंने महासभा में संक्षिप्त संबोधन दिया और शांति वार्ता की जरूरत पर जोर दिया। विशेषज्ञ मानते हैं कि यह छोटी यात्रा नेतन्याहू को वैश्विक मंच पर अपना पक्ष रखने का मौका देती है, लेकिन गिरफ्तारी की मांग और गाजा संकट के चलते असर सीमित रह सकता है। अमेरिका ने नेतन्याहू की यात्रा को समर्थन देते हुए कहा कि इजरायल को अपनी सुरक्षा सुनिश्चित करने का अधिकार है, लेकिन साथ ही नागरिकों की सुरक्षा पर जोर दिया। फ्रांस और जर्मनी जैसे यूरोपीय देशों ने मानवीय सहायता बढ़ाने की मांग की और युद्धविराम की अपील दोहराई। अरब लीग ने एक बयान जारी कर गाजा में तत्काल संघर्ष विराम और फिलिस्तीनी राज्य की स्थापना की मांग की। घरेलू मोर्चे पर नेतन्याहू की लिकुड पार्टी के कुछ सदस्यों ने यात्रा को राजनीतिक लाभ के लिए इस्तेमाल करने का आरोप लगाया। वहीं विपक्षी दलों ने प्रधानमंत्री पर अंतरराष्ट्रीय दबाव को नजरअंदाज करने का आरोप लगाते हुए संसद में बहस की मांग की। समाचार स्रोत: अमर उजाला — विश्व
समाचार स्रोत: अमर उजाला — विश्व

संबंधित